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CBSE कक्षा 12 इतिहास के मॉडल पेपर की Answer Key और विशेषज्ञ टीचर के टिप्स

LHC0088 3 hour(s) ago views 408
  

प्रतीकात्मक फोटो  



जागरण संवाददाता, मेरठ। सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के लिए तीनों स्ट्रीम साइंस, कामर्स और ह्यूमैनिटीज के विद्यार्थी इन दिनों अंतिम तैयारियों में जुटे हैं। वैसे अब एनईपी के तहत सीबीएसई ने विषयों के चयन की सीमाएं समाप्त कर दी हैं। विद्यार्थी तीनों स्ट्रीम के विषयों को लेकर पढ़ सकते हैं। ह्यूमैनिटीज वर्ग के विद्यार्थियों के लिए इतिहास विषय महत्वपूर्ण होता है। इतिहास पढ़ने वाले परीक्षार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइंस के पीजीटी इतिहास निरूपम गुप्ता जरूरी सुझाव दे रहे हैं।  

  


निरूपम गुप्ता के अनुससार परीक्षार्थियों के लिए जरूरी है कि वह परीक्षा में सभी प्रश्नों को अनिवार्य रूप से हल करने प्रयास करें क्योंकि किसी भी प्रश्न को छोड़ने से आप उसके लिए निर्धारित अंक पूर्णतया गंवा देते हैं, जबकि उसी प्रश्न के उत्तर मात्र लिखने के प्रयास करने पर भी आपको कुछ अंक मिलने की संभावना बनी रहती है। इतिहास बिषय में स्रोत आधारित प्रश्नों के अधिकांश उत्तर उसी स्रोत में ही छिपे होते हैं। इसलिए स्रोत को कई बार पढ़कर समझना चाहिए जिससे प्रश्नों के उत्तर मिल जाते हैं और पूर्ण अंक पाना संभव हो जाता है।

यह भी पढ़ें- CBSE कक्षा 12 इतिहास विषय का मॉडल पेपर
यहां से डाउनलोड करें सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास के मॉडल पेपर की आंसर की



  Answer Key.pdf

पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइंस के पीजीटी इतिहास निरूपम गुप्ता के अनुसार सीबीएसई हर वर्ष मानचित्र कार्य की सूची पहले ही जारी कर देता है। अतः उन मानचित्र प्रश्नों का अभ्यास कर लें जिससे पूरे अंक मिलना संभव हो जाएगा। प्रश्नों के उत्तर लिखते समय महत्वपूर्ण तथ्यों व बिंदुओं को हाईलाइट करने से परीक्षक के प्रभावित होने की संभावना रहती है। आपकी आकर्षक लेखन शैली अधिक अंक प्राप्त करने में सहायक होती है। परीक्षा की तैयारी के क्रम में स्वयं के शार्ट नोट्स अवश्य तैयार करें। ये परीक्षा काल में त्वरित रिवीजन के अतिरिक्त आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करने में बहुत सहायक होते हैं।
समय प्रबंधन है सफलता की कुंजी

समय प्रबंधन परीक्षा में सफलता की कुंजी है। इसके लिए परीक्षा में प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट अतिरिक्त समय का सदुपयोग करें। इस समय में सभी प्रश्नों को अच्छी तरह पढ़कर समझें कि क्या पूछा गया है। इसी समय लिखने की रूपरेखा भी तैयार कर लेने से समय की बचत होती है और प्रभावी उत्तर लेखन संभव हो जाता है। प्रश्नपत्र में सभी उत्तरों की शब्द सीमा दी होती है। पांच खंड होते हैं। किसी भी एक खंड पर अधिक समय देने पर दूसरे खंड के लिए समय कम पड़ जाता है। इसलिए सभी प्रश्नों को उचित समय आवंटित करें। प्रश्नपत्र को 20 मिनट पहले ही हल करने का प्रयास करें, जिससे कि पुनरावलोकन यानी रिवीजन के लिए समय मिल सके। इससे गलती होने की संभावना समाप्त हो जाती है।
तैयारी में एनसीईआरटी की पुस्तकों को ही आधार बनाएं

निरूपम गुप्ता के अनुसार परीक्षार्थी यह ध्यान रखें कि जहां आवश्यक हो वहां चित्र, मानचित्र, आरेख या अन्य सहायक सामग्री का प्रयोग करने से परीक्षक पर सकारात्मक असर पड़ता है। आपके सभी प्रश्नों के उत्तर एनसीईआरटी की पुस्तकों में ही होते हैं। इसलिए अपनी तैयारी में एनसीईआरटी की पुस्तकों को ही आधार बनाएं। इतिहास विषय में अच्छे लेखन के लिए अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। इसलिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने का प्रयास करें। अभी परीक्षा में कुछ समय शेष है इसलिए सुबह 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे (परीक्षा का वास्तविक समय) के बीच पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को घर पर एकांत में परीक्षा कक्ष जैसे माहौल में हल करने का अभ्यास करें। इससे वास्तविक परीक्षा के समय कोई तनाव नहीं होगा और सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
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