साथ आए राज ठाकर-एकनाथ शिंदे MNS का शिवसेना को समर्थन (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में निकाय चुनाव के बाद एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। आमतौर पर एक-दूसरे के विरोधी माने जाने वाले दल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने इस बार शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया है। यह फैसला नगर निगम में सत्ता गठन को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है।
MNS के पूर्व विधायक प्रमोद राजू पाटिल ने पार्टी के पांचों नगरसेवकों की ओर से शिवसेना को समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शहर के विकास को ध्यान में रखत हुए लिया गया है। इससे पहले शिवसेना के सभी 53 नगरसेवक नवी मुंबई में स्थित कोंकण संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंच, जहां उन्होंने अपने गुट का औपचारिक पंजीकरण कराया।
MNS के 5 नगरसेवकों का शिवसेना को समर्थन
इस दौरान एमएनएस के पांच नगरसेवकों ने भी वहीं अपनी प्रक्रिया पूरी कर शिवसेना को समर्थन देने की घोषणा की। हाल ही में हुए 122 सदस्यीय केडीएमसी चुनाव में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। शिवसेना के 53 नगरसेवकों और एमएनएस के पांच नगरसेवकों के समर्थन से यह संख्या अब 58 पहुंच गई है।
सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के 11 में से कुछ नगरसेवक भी शिंदे गुट की शिवसेना के संपर्क में बताए जा रहे हैं। कल्याण लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि एमएनएस ने शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए शिवसेना को समर्थन दिया है।
भाजपा का ढाई-ढाई साल के मेयर वाला फॉर्मूला
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना और भाजपा ने महायुति के तहत नगर निगम चुनाव एक साथ लड़े थे। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि केडीएमसी का मेयर महायुति से ही बनेगा। हालांकि मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण मिलकर लेंगे।
भाजपा की ओर से मेयर पद के लिए ढाई-ढाई साल के कार्यकाल की मांग के बीच राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवसेवा अपने दम कर सरकार बनाने या गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में केडीएमसी की सत्ता की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
मुंब्रा को हरा रंगना है...\“, ओवैसी की 22 साल की पार्षद सहर शेख कौन? भाषण का वीडियो वायरल |
|