राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राजकीय नलकूपों के असफल होने से सिंचाई की समस्या का सामने करने वाले किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसे 1750 नलकूपों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। 561.20 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम शुरू करने के लिए पहली किस्त जारी कर दी गई है। परियोजना से 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता फिर से स्थापित हो सकेगी।
प्रदेश में 36,094 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। जो नलकूपों अपनी स्थापना के बाद 17 वर्ष या 57 हजार घंटे की सीमा पूरी कर लेते हैं और जिनका जल निकास बेहद कम हो जाता है, उनको असफल माना जाता है। इस श्रेणी में आने के कारण 1750 नलकूप काफी समय से बंद पड़े हैं और संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई की क्षमता कम हो गई है।
पिछले वर्ष कैबिनेट ने इन नलकूपों के पुनर्निर्माण की परियोजना को स्वीकृति दी थी। नाबार्ड पोषित इस परियोजना में नहर विहीन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। नहरों के माध्यम से सिंचाई की सुविधा न होने या सीमित सुविधा वाले 62 जिलों में काम किया जाएगा।
इससे 2.39 लाख किसानों को सुविधा मिलेगी। अब परियोजना की वित्तीय स्वीकृति के साथ 54.85 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है और काम जल्द शुरू होने की संभावना है, जो अगले वित्तीय वर्ष तक पूरा किया जाना है। |