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वृंदावन कोतवाली में पुलिस गिरफ्त में सोशल मीडिया में अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोपित
संवाद सहयोगी, जागरण वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में पंडा बनकर दर्शन कराने के बहाने युवतियों को जाल में फंसाने वाले युवक के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने पंडा और उसके महाराष्ट्र और पंजाब के साथियों को भी गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि गिरोह कई अश्लील वीडियो बेच चुका है। पुलिस नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पिछले दिनों वृंदावन में कुछ युवतियों और महिलाओं के साथ एक युवक के अश्लील वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुए थे। वीडियो प्रसारित होने के तीन दिन बाद वृंदावन में रहने वाली एक युवती पुलिस के पास पहुंची और बताया कि वीडियो में दिख रहा युवक केशीघाट खपाटिया घेरा निवासी प्रिंस वर्मा उर्फ प्रिंस ठाकुर है।
एक वर्ष पूर्व प्रिंस से पंडा के रूप में मुलाकात हुई थी। उसने बताया था कि वह वीआईपी दर्शन कराता है। प्यार और शादी का झांसा देकर वह उसे होटल में ले गया और वीडियो बना लिए। अब वीडियो डिलीट करने के लिए एक लाख रुपये मांग रहा था।
वीडियो प्रसारित होने से ठीक एक दिन पहले सात जनवरी को प्रिंस वर्मा ने कोतवाली में मोबाइल चोरी होने की सूचना दी थी। पुलिस ने युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर प्रिंस के इंटरनेट मीडिया एकाउंट की जांच की। पता चला कि उसने कई युवतियों के साथ इस तरह के वीडियो बनाए थे।
उसके दूसरे शहरों के युवकों से भी संबंध हैं, जिनके जरिए वह अश्लील वीडियो बेचता था। कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि प्रिंस वर्मा उसके साथी पंजाब के जालंधर निवासी राहुल, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के गुरुप्रसाद सोसाइटी जाधव कॉलोनी बेलीवली के राहुल किरणदास को यमुना किनारे से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में प्रिंस वर्मा ने बताया कि वह बांकेबिहारी मंदिर में पंडागीरी करता था। कई युवतियों और महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बना लिए। कुछ दिन पहले वृंदावन घूमने आए जालंधर के राहुल और महाराष्ट्र के राहुल किरणदास से मुलाकात हुई। इसके बाद दोस्ती हो गई।
उसने दोनों को मोबाइल के वीडियो दिखाए। दोनों ने प्रिंस को बताया कि इन वीडियो के जरिए वह काफी पैसे कमा सकता है। युवती को ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो प्रसारित करने के बाद योजना के तहत प्रिंस ने मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई, ताकि वीडियो प्रसारित करने का उस पर शक न हो।
जांच में सामने आया है कि उसने कुछ लोगों को वीडियो भी बेचे हैं। पीड़ित युवती के एक रिश्तेदार से भी वीडियो डिलीट करने के नाम पर कुछ रुपये अपने एकाउंट में ट्रांसफर कराए। युवती से भी वीडियो डिलीट करने के लिए एक लाख रुपये मांग रहा था। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए मंगलवार को तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों को जेल भेजने के बाद जांच जारी है। |
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