CM Nitish Kumar announcement:सीएम नीतीश कुमार ने बाजार समिति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Nitish Kumar Muzaffarpur visit: समृद्धि यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे। बाजार समिति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि मुजफ्फरपुर का सदर अस्पताल अति विशिष्ट किस्म का बनाया जाएगा, जिससे उत्तर बिहार के मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने से पहले राज्य में शिक्षा और सामाजिक माहौल की स्थिति काफी खराब थी। समाज में विवाद का वातावरण था और सांप्रदायिक तनाव देखने को मिलता था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने के बाद शांति और सद्भाव का माहौल बना। कब्रिस्तानों और मंदिरों की घेराबंदी कराई गई ताकि किसी तरह का विवाद न हो।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई और जब शिक्षकों की और जरूरत पड़ी तो बीपीएससी के माध्यम से ढाई लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई। साथ ही 2.68 लाख नियोजित शिक्षकों को नियमित किया गया।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी अस्पतालों में बेहद सीमित मरीजों का इलाज हो पाता था, लेकिन उनकी सरकार ने मुफ्त इलाज और मुफ्त दवा की व्यवस्था लागू की। पहले राज्य में केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 12 हो चुकी है। अन्य जिलों में भी मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में पांच हजार से अधिक बेड की सुविधा विकसित की गई है और पांच अन्य मेडिकल कॉलेजों के विस्तार पर भी काम चल रहा है।
कृषि और ग्रामीण विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप बनाकर काम किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है। मछली उत्पादन में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। चौथे कृषि रोड मैप में इन योजनाओं को और आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम हुआ है और अब सात निश्चय-3 की शुरुआत की जा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जा रही है और आने वाले समय में सोलर ऊर्जा से हर घर को जोड़ा जाएगा।
रोजगार को लेकर उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में 1.14 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। जाति आधारित गणना में सामने आए 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार योजनाओं से जोड़कर सहायता राशि दी जा रही है, जिसमें दो लाख रुपये से अधिक की मदद भी शामिल है।
महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिला पुलिस की संख्या देश में सबसे अधिक है। सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया गया है। जीविका योजना के माध्यम से 1.40 करोड़ महिलाओं को जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 430 विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर तेजी से काम चल रहा है। इन योजनाओं में केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि विकास की गति और तेज होगी और बिहार आगे बढ़ेगा। |
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