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बोगस फर्मों के जरिये टर्नओवर पहुंचा दो हजार करोड़, 368 करोड़ की टैक्स चोरी

deltin33 2025-11-4 11:36:48 views 961
  



जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। जीएसटी चोरी में फर्मों का रिकार्ड खंगालने पर हर दिन टर्नओवर बढ़ रहा है। टीम ने जिस बात का अंदेशा जताया था। धीरे-धीरे उसी कहानी पर मुहर लग रही है। सोमवार तक हुई जांच में बाेगस फर्मों का टर्नओवर 1811 करोड़ से बढ़कर 1970 करोड़ पहुंच गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसके साथ ही 341 करोड़ से टैक्स चोरी 368 करोड़ हो गई है। 22 राज्यों में फैले इस सिंडिकेट ने किसी फर्म से 10 करोड़ तो किसी फर्म से 15 करोड़ का कारोबार करने के बाद फर्म बंद कर दी। यह फर्में सेंट्रल जीएसटी में पंजीकृत हैं।

हैरान करने वाली बात यह है कि फर्म बंद होते समय किसी ने भी इन फर्मों का रिकार्ड नहीं खंगाला। एक फर्म बंद करके दूसरी फर्म से कारोबार शुरू कर दिया गया। स्टेट जीएसटी में पंजीकृत 50 फर्म में 28 फर्म अभी भी सक्रिय हैं जबकि 19 का टर्नओवर शून्य है। इन फर्मों को निरस्त करने के लिए ग्रेड वन की ओर से कमिश्नर को पत्र लिखा गया है।

जांच टीम के अनुसार, अब तक सामने आए तथ्यों से पूरे खेल में मुजफ्फरपुर एवं मुजफ्फरनगर की कई स्क्रैप कंपनियां की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है, जो जीएसटी चोरी के लिए बाेगस फर्मों का सहारा ले रहीं हैं।

इधर, पूरे प्रकरण में गठित एसआइटी ने भी फोन डिटेल के अलावा ई-मेल और आइपी एड्रेस के माध्यम से ई-वेबिल की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्रियों से जुड़े कबाड़ियों की रेकी शुरू करा दी है। ट्रांसपोर्टरों के रजिस्टर भी चेक कराए जा रहे हैं। इन रजिस्टरों का मिलान ई-वेबिल से किया जाएगा।

रविवार को एसआइटी ने राज्यकर विभाग की टीम से संपर्क कर अब तक सामने आई संदिग्ध फर्मों और वाहनों का ब्योरा हासिल कर लिया था। फर्जी फर्मों द्वारा 1970 करोड़ टर्नओवर सामने आ चुका है। 368 करोड़ की आइटीसी चोरी की पुष्टि हो चुकी है।

वहीं, एसआइटी ने भी इसमें पत्र जुटाने शुरू कर दिए हैं। साथ ही पुलिस लाइंस में एसएसपी सतपाल अंतिल ने एसटीआइटी टीम से महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। सिंडिकेट का राजफाश करने के लिए टीमों ने इस प्रकरण से जुड़े लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।


144 फर्मों का टर्नओवर बढ़ गया है। 1970 करोड़ के टर्नओवर में 368 करोड़ की आइटीसी चोरी निकलकर सामने आ रही है। अभी और रिकार्ड खंगाला जा रहा है। इसमें स्टेट जीएसटी में पंजीकृत फर्मों में करोड़ों का टर्नओवर के बाद उन्हें बंद करा दिया गया। इसके बाद नई फर्म से काम शुरू कर दिया गया। इसमें एक दो नहीं बल्कि पूरा सिंडिकेट सामने आ रहा है। एसआइटी ने भी जांच शुरू कर दी है। अभी और एफआइआर कराई जाएंगी।

-अशोक कुमार सिंह, अपर आयुक्त ग्रेड वन राज्यकर मुरादाबाद जोन


मुजफ्फरनगर के कबाड़ी के पास है चोरी के माल का ठेका

मुजफ्फरपुर से मुजफ्फरनगर जा रहे ट्रक का कबाड़ी कोड दिया गया था। ट्रक चालक को मुजफ्फरनगर पहुंचने के बाद एक कबाड़ी से संपर्क करना था। इसके बाद वह कबाड़ी तय करता कि लोहे का स्क्रैप किस फैक्ट्री में जाना है। इन ट्रकों को छुड़ाने के लिए मुरादाबाद में अधिवक्ता के अलावा अन्य लोगों ने भी छुड़ाने का प्रयास किया था।

मामले की गंभीरता के बाद वह अधिवक्ता सामने नहीं आए हैं। हालांकि अब पूरा प्रकरण एसआइटी के पास है। विभागीय अधिकारियों ने कबाड़ी और अधिवक्ता से जुड़ी जानकारी एसआइटी को सौंप दी है। उम्मीद जताई जा रही है इसमें जल्द ही कई नाम सामने आएंगे।
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