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18 नवंबर से 14 मार्च... इन शुभ तिथियों में गूंजेगी शहनाई, फूल से लेकर बैंड तक लाखों में हो रही बुकिंग

LHC0088 2025-11-27 01:16:49 views 502
  

शादी के सीजन के लिए सज गया बाजार। फाइल फोटो  



जागरण संवाददाता, पटना। शादी-ब्याह के शुभ लग्न (wedding 2025) को लेकर बाजारों में रौनक लौट आई है। 18 नवंबर से शादियों का सीजन शुरू हो रहा है। वेडिंग प्लानर्स, ड्रेस डिजाइनर, डेकोरेटर और बैंड-बाजे की बुकिंग जोर-शोर से चल रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

विवाहोत्सव के मौसम में बारात का आगमन पारंपरिक और आधुनिक दोनों अंदाज में बैंड-बाजे के साथ होगा। लोगों ने दो माह पहले से ही होटल, मैरेज हाल, विवाह भवन, कैटरिंग आदि की बुकिंग करा ली है। बड़े होटलों और मैरिज हाल में शादी-ब्याह को लेकर तैयारियां चल रही हैं।
शहर में पांच हजार से अधिक बैंड बाजा वाले

तीन शिफ्टों में बैंड बाजा कर बारात लगाई जाएगी। शहर में पांच हजार से अधिक छोटे-बड़े बैंड बाजे वाले हैं। जिनके कलाकार रियाज में जुटे हैं। सभी बैंड तीन शिफ्टों में काम करेंगे। करबिगहिया के पुरानी मूसा बैंड के कर्ण ने बताया कि सभी बैंड अलग-अलग शिफ्ट में काम करेंगे।

उन्होंने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार शादी-ब्याह के लिए शुभ लग्न सीमित हैं। इस बार 18 नवंबर से शादी-ब्याह का दौर आरंभ हो जाएगा। नवंबर में नौ दिन एवं दिसंबर में चार दिन शादी का मुहूर्त हैं।

ऐसे में कुल 13 दिन ही हैं। कई लोगों ने शादी को लेकर बैंड बाजे की बुकिंग कराई है। शादी समारोह में बैंड कर्मियों की यूनिफार्म, बैंड का डेकोरेशन, बग्घी की सजावट आकर्षण का केंद्र होगा।
डिमांड के अनुसार तैयारी

शादी को लेकर डिमांड के अनुसार तैयारी होगी। आजकल लोग बहुत सेलेक्टिव हो गए हैं। पहले जैसा नहीं कि हम डेकोरेशन दें ग्राहकों को पसंद आ जाए। अब लोग नई चीजें मोबाइल फोन में लेकर आते हैं।

मोबाइल दिखाने के बाद कहते हैं ऐसी थीम पर काम होना चाहिए। पटना और आसपास के इलाकों में दो हजार से अधिक शादियां होंगी। ज्यादातर मुहूर्त में मैरिज हाल से लेकर बैंड बाजा, बग्घी, कैटर्स आदि की बुकिंग फुल है।
लोगों की बदल रही पसंद

इवेंट मैनेजर साकिब ने बताया कि लोगों की पसंद पहले से काफी बदल गई है। अब लोग लाइट को पसंद कर रहे हैं। लाइट फ्लावर्स, लाइट कलर्स और पेपर लैंप पसंद कर रहे हैं। अगर राजा महाराजाओं वाले ठाठ-बाठ के साथ अपनी बारात को यादगार बनाना चाहते हैं, तो बारात के लिए स्पेशल घोड़े और रथ की सवारी की व्यवस्था है।

जो आपकी शादी को शानदार बनाएगी। एक सीटर वाले रथ और घोड़े का भाड़ा 14-15 हजार एवं डबल सीट वाले घोड़े और रथ का भाड़ा करीब 25-30 हजार के बीच है।
लाखों रुपए में हो रही बुकिंग

फूल सजावट: कम से कम 25 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक।

शहनाई: 10-12 हजार रुपये (शाम चार बजे से 12 बजे तक)

फोटो व वीडियोग्राफी: 40 हजार रुपये लेकर लाख रुपये तक। (तिलक, शादी व प्रीति भोज)

जयमाला के लिए डोली या ट्रॉली: 50-80 हजार रुपये के बीच

घोड़ा: 15-20 हजार रुपये (पांच से छह घंटे)

बग्घी दो घोड़ा: 25-30 हजार रुपये (चार से छह घंटे)

लाइट, झाड़-फाटक और बैंड बाजा सामान्य: 40-45 हजार (चार से छह घंटे के लिए)

वाहन: होंडा सिटी कार 15-20 हजार, आडी 25-30 हजार रुपये
18 नवंबर से गूंजेगी शहनाई, चार दिसंबर तक मुहूर्त

16 नवंबर रविवार को सूर्य के तुला राशि से निकल कर वृश्चिक राशि में आने के साथ विवाह का दौर आरंभ हो जाएगा। ज्योतिष आचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि 18 नवंबर से शादी-ब्याह के शुभ लग्न आरंभ होने के साथ चार दिसंबर तक शुभ मुहूर्त हैं।

बनारसी पंचांग के अनुसार नवंबर में नौ दिन एवं दिसंबर में चार दिन एवं मिथिला पंचांग के अनुसार नवंबर में सात एवं दिसंबर में तीन दिन शादी के शुभ मुहूर्त हैं।
नववर्ष में चार फरवरी से आरंभ होगा विवाह

नव वर्ष 2026 के पहले मास जनवरी में खरमास की समाप्ति के बाद शुक्र ग्रह के अस्त होने से शादी-ब्याह नहीं होगा। एक फरवरी रविवार की शाम छह बजे पश्चिम दिशा से शुक्र उदित होंगे। इसके बाद नए साल में शादी-ब्याह का सिलसिला आरंभ हो जाएगा।
शादी में ग्रहों की शुभता जरूरी

शादी-विवाह के लिए शुभ मुहर्त का होना महत्वपूर्ण होता है। वैवाहिक बंधन को सबसे पवित्र रिश्ता माना गया है। इसलिए इसमें शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शादी के शुभ योग के लिए बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी है। रवि गुरु का संयोग सिद्धिदायक और शुभ फलदायी होते हैं। इन तिथियों पर शादी-विवाह को बेहद शुभ माना गया है।
ऐसे तय होते हैं शुभ लग्न-मुहूर्त

शादी के शुभ लग्न व मुहूर्त निर्णय के लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु एवं मीन लग्न में से किन्ही एक का होना जरूरी है। नक्षत्रों में से अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति, श्रवणा, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भद्र व उत्तरा आषाढ़ में किन्ही एक का रहना जरूरी है।

अति उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में से किन्ही एक की उपस्थिति रहने पर शुभ मुहूर्त बनता है। यदि वर और कन्या दोनों का जन्म ज्येष्ठ मास में हुआ हो तो उनका विवाह ज्येष्ठ में नहीं होगा। तीन ज्येष्ठ होने पर विषम योग बनता है और ये वैवाहिक लग्न में निषिद्ध है। विवाह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ एवं अगहन मास में हो तो अत्यंत शुभ होता है।
वर्ष के वैवाहिक शुभ मुहूर्त (बनारसी पंचांग के अनुसार)

  • नवंबर: 18, 19, 21, 22, 23, 24, 25, 29, 30
  • दिसंबर: 1, 4, 5, 6
  • फरवरी: 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 19, 20, 21, 24, 25, 26
  • मार्च: 2, 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14

मिथिला पंचांग के अनुसार

  • नवंबर: 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30
  • दिसंबर: 1, 4, 5
  • जनवरी: 29
  • फरवरी: 5, 6, 8, 15, 19, 20, 22, 25, 26
  • मार्च: 4, 9, 11, 13
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