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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जेपीएससी नियुक्ति में देरी का खामियाजा उम्मीदवार नहीं भुगतेगा, वरीयता लाभ मिलेगा

Chikheang 2025-12-17 06:36:49 views 1239
  

झारखंड हाई कोर्ट (फाइल फोटो)



राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि राज्य सरकार या झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा नियुक्ति पत्र जारी करने में हुई देरी का खामियाजा उम्मीदवार नहीं उठा सकता है।

कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामलों में प्रार्थी की नियुक्ति की तिथि को उस बैच के अन्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की तिथि से माना जाए, ताकि उम्मीदवार को वरीयता और अन्य सेवा का लाभ मिल सके।

इसको लेकर वंदना भारती ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। प्रार्थी तृतीय जेपीएससी नियुक्ति में उम्मीदवार थीं, जिनकी नियुक्ति अंकों की गलत गणना के कारण तीन साल विलंब से वर्ष 2013 में हुई, जबकि उनके बैच के अन्य उम्मीदवारों की नियुक्ति 2010 में हो गई थी। देरी के कारण उनकी वरीयता प्रभावित हुई और उन्हें उम्मीदवारों में सबसे निचले स्थान पर रखा गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

प्रार्थी ने अपनी नियुक्ति की तिथि बदलने का अनुरोध किया। उनके वकील सौरव शेखर और अनुराग कुमार ने कहा कि आयोग या सरकार की लापरवाही के कारण हुई देरी का खामियाजा उम्मीदवार को नहीं भुगतना चाहिए। एकल पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए प्रार्थी को वरीयता का लाभ देने का आदेश दिया।

राज्य सरकार और जेपीएससी ने इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि न तो राज्य सरकार और न ही आयोग इस मामले में पीड़ित पक्ष हैं।

कोर्ट ने पूछा कि अगर राज्य सरकार द्वारा अतीत में की गई गलती सुधारा जाए तो उसे इससे आपत्ति क्यों है? इसके बाद सरकार ने अपील याचिका वापस ले ली। अदालत ने प्रार्थी की नियुक्ति 2013 से बदलकर 2010 कर दी है।

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