cy520520 • 2025-12-29 01:27:36 • views 1037
सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं अशोक चौधरी।
राज्य ब्यूरो, पटना। Dr. Ashok Chowdhary Degree: बिहार की राजनीति में एक बार फिर शिक्षा और डिग्री का मुद्दा गरमा गया है।
इस बार निशाने पर नीतीश सरकार (CM Nitish Kumar) के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री और जेडीयू नेता डाॅ. अशोक चौधरी हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने उनकी पीएचडी डिग्री को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार और विश्वविद्यालयी व्यवस्था की पारदर्शिता पर हमला बोला है।
तिवारी का आरोप है कि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान चयनित 274 अभ्यर्थियों की सूची में अशोक चौधरी का नाम शामिल था।
पीपीयू ने की जांच की अनुशंसा
लेकिन राजनीति शास्त्र विषय के जिन 18 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से नियुक्ति पत्र जारी किए गए, उनमें उनका नाम नहीं था।
इससे उनकी डाक्टरेट डिग्री की वैधता पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने दावा किया कि विभाग ने खुद डिग्री को संदिग्ध मानते हुए जांच की अनुशंसा की है।
उन्होंने इसे बिहार के बेरोजगार युवाओं और प्रतिभाओं के हक पर चोट बताते हुए सरकार और मंत्री से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि अशोक चौधरी प्रमाणिक तौर पर यह बताएं कि उनकी डिग्री फर्जी नहीं है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
पूर्व में भी डिग्री पर हो चुकी है राजनीति
बिहार में डिग्री का विवाद नया नहीं है। इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी की डिग्री पर भी सवाल उठाए जा चुके हैं।
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव के दौरान इसे बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास किया था। हालांकि उनका प्रयास सफल नहीं हो सका।
इसके बाद आम आदमी पार्टी ने भी मामले को भुनाने का प्रयास किया। चुनाव आयोग से सम्राट चौधरी पर छह साल का प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर दी थी। बहरहाल एक बार फिर डिग्री का विवाद सियासी मुद्दा बनता दिख रहा है। |
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