फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ (सांकेतिक तस्वीर)
डिजिटल डेस्क, यवतमाल (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में एक चौंकाने वाला साइबर अपराध का मामला सामने आया है। आर्णी तहसील के शेंदुरसनी गांव की ग्राम पंचायत के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) को हैक कर हजारों फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस गांव की कुल आबादी मात्र 1400 के आसपास है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में यहां 27,000 से अधिक जन्म प्रमाणपत्र और 7 मृत्यु प्रमाणपत्र दर्ज कर लिए गए।
मामले का खुलासा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष धोले की जांच से हुआ। जांच में पता चला कि ये रजिस्ट्रेशन गांव की वास्तविक आबादी से पूरी तरह असंगत हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता के निर्देश पर साइबर सेल और उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने की टीम ने तकनीकी जांच की। डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए टीम बिहार पहुंची और वहां से गिरोह के कथित मास्टरमाइंड 20 वर्षीय आदर्श कुमार दुबे को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच से पता चला कि आरोपी ने सरकारी सीआरएससर्वर में सेंध लगाकर देश के विभिन्न हिस्सों के लिए फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए थे। ये प्रमाणपत्र आधार कार्ड, पासपोर्ट या अन्य सरकारी योजनाओं के लिए दुरुपयोग किए जा सकते थे। पुलिस का मानना है कि यह कोई छोटा फ्रॉड नहीं, बल्कि एक बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क हो सकता है, जिसमें बिहार से मजबूत तार जुड़े हैं।
आरोपी आदर्श कुमार दुबे को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 12 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। आगे की जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इस मामले ने सरकारी डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों और रजिस्ट्रारों को अलर्ट जारी किया है कि अपना CRS लॉगिन, पासवर्ड या OTP किसी के साथ शेयर न करें। इस तरह के फर्जीवाड़े से राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान प्रणाली को खतरा हो सकता है। |