जम्मू-कश्मीर में अभी नहीं होगा पंचायतों का परिसीमन। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश में निकट भविष्य में पंचायतों का परिसीमन नहीं होगा और न ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष विचाराधीन है। यह जानकारी बुधवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मामले विभाग के मंत्री जावेद अहमद डार ने प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दी।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न राजनीतक दल और कई अन्य लोग एक लंबे समय सें पंचायत हल्कों के परिसीमन की मांग कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि प्रदेश में लंबित पड़ी चुनाव प्रक्रिया पंचायत हल्कों के परिसीमन के बाद ही हो। प्रदेश में पंचायत चुनाव इसी वर्ष मार्च-अप्रैल में कराए जाने की संभावना है।
मौजूदा परिस्थितियों में जम्मू कश्मीर में 4293 पंचायत हल्के हैं। इनमें से 2111 जम्मू प्रांत में आैर 2182 कश्मीर प्रांत में हैं। जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव जनवरी 2024 से लंबित हैं और इसी माह 24 तारीख को पंचायत राज व्यवस्थ के तहत जिला विकास परिषदों का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। जम्मू कश्मीर में वर्ष 2022 में विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों का परिसीमन हुआ है।
नेशनल कान्फ्रेंस के विधायक अब्दुल मजीद बट उर्फ अब्दुल मजीद लारमी के एक प्रश्न के जवाब में ग्रामीण विकास मंत्री जावेद अहमद डार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक जनगणना 2021 की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, पंचायतों का परिसीमन नहीं होगा। उन्होंने बताया कि योजना एवं निगरानी विभाग ने 27 फरवरी 2025 को एक आदेश जारी कर पूरे प्रदेश में पहली जुलाई 2025 से सभी प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को फ्रीज किया है।
इसलिए कोई परिसीमन नहीं हो सकता। यह तभी होगा जब जनगणना 2021 की प्रक्रिया पूरी होगी। जम्मू कश्मीर पंचायती राज अधिनियम 1989 की धारा 2 (जे) के तहत सरकार के हाथ कानूनी तौर पर बंधे हुए हैं, जिसमें यह ज़रूरी है कि पंचायत हलकों का परिसीमन पूरी तरह से आबादी के आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हमारे पास एक पूरा और सही डेटा उपलब्ध होगा और उसके आधार पर परिसीमन करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया नियमों के मुताबिक होगी। नयी पंचायतों का गठन राजनीतिक प्राथमिकता के अाधार नहीं बल्कि क्षेत्र विशेष की आवश्यक्ताओं के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा जब जनगणना की प्रक्रिया होगी तो पूरे युक्तिसंगत तरीके से ही परिसीमन होगा। उन्होंने कहाकि
प्रशासन न्याय, बराबरी और संसाधनों के सही बंटवारे के लिए संकल्पबद्ध है। |
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