इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंदौर के भागीरथीपुरा में पानी कई लोगों के लिए काल बन गया है। दूषित पानी पीने के कारण अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के बीत इंदौर में एक 30 साल पुराना किस्सा चर्चा में आ गया है, जब लोग सड़ी लाश का पानी पीने को मजबूर हो गए थे।
इंदौर में बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों की मौत पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। वहीं, इंदौर के सुभाष चौक में 3 दशक पहले हुई घटना से लोगों में आज भी खौफ का माहौल है।
30 साल पहले क्या हुआ था?
तकरीबन 30 साल पहले इंदौर के इस इलाके में अचानक गंदा पानी सप्लाई होने लगा था। ये पानी पीने के बाद सभी को दस्त, उल्टी और बुखार की समस्या होने लगी। भारी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। लोगों की शिकायत पर जब पानी की टंकी की जांच की गई, तो सच देखकर सभी की आंख फटी की फटी रह गई।
पानी की टंकी में मिला कंकाल
पूर्व विधायक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन के अनुसार, पानी की टंकी में एक लाश पड़ी थी, जो पूरी तरह से सड़ गई थी और सिर्फ उसका कंकाल पानी में तैर रहा था। अनजाने में यही पानी पूरे इलाके में सप्लाई हो रहा था, जिससे लोग बीमार हो रहे थे।
हालांकि, इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई थी। इस बार भागीरथी कॉलोनी में दूषित पानी ने 15 लोगों की जान ले ली है, जिसके बाद 30 साल पुराना किस्सा फिर से लोगों की जुबां पर आने लगा है।
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