जागरण संवाददाता, बेगूसराय। जिले के व्यवसायिक वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ाने वाला आदेश लागू कर दिया गया है। जिले में अब तक हो रही व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह बंद कर दी गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के आदेश के तहत बेगूसराय को फिटनेस जांच के लिए पटना से टैग कर दिया गया है।
अब जिले के कई वाहन मालिकों को फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए करीब 120 किलोमीटर दूर पटना स्थित वैष्णवी ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर जाना होगा।
इस फैसले से वाहन संचालकों पर आर्थिक और प्रशासनिक बोझ दोनों बढ़ गया है। फिटनेस शुल्क के अलावा ईंधन, समय, टोल टैक्स और अन्य खर्च वहन करना पड़ेगा। खासकर छोटे वाहन मालिकों, ऑटो चालकों और बस संचालकों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का सबब बन गई है।
समस्या यहीं खत्म नहीं होती। कई यात्री बसों और ऑटो को रूट के अनुसार ही परमिट मिला हुआ है। जिन वाहनों को बेगूसराय–पटना रूट का परमिट नहीं है, उन्हें फिटनेस जांच के लिए पटना ले जाने पर रास्ते में जुर्माना और चालान का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में वाहन मालिक दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि अब तक जिले में ही फिटनेस जांच की पूरी व्यवस्था मौजूद थी। हर माह लगभग 500 व्यवसायिक वाहनों की जांच पुलिस लाइन परिसर में की जाती थी।
परिवहन विभाग के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से वाहन के आगे, पीछे, दाएं-बाएं और स्टेयरिंग समेत छह फोटो आनलाइन अपलोड कर जांच पूरी की जाती थी। इस व्यवस्था से न सिर्फ वाहन मालिकों का समय बचता था, बल्कि खर्च भी कम होता था। |