राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज विभाग से जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत वार्डों की विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जिला व क्षेत्र पंचायतों की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आयोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाएगा।
इस चुनाव को लेकर सरकार और शासन के स्तर पर कोई हलचल नहीं दिखने के बाद भी माना जा रहा है कि चुनाव अपने समय पर हो सकते हैं। इस मुद्दे पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने वाले हैं। आयोग द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पंचायती राज विभाग रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसे जल्द से जल्द आयोग को दे दिया जाएगा।
पंचायत चुनाव के लिए वार्डों के परिसीमन का काम पूरा हो जाने के बाद से लगातार इस बात की चर्चा हो रही है कि पंचायत चुनाव अपने समय पर होंगे अथवा देर से होंगे। चुनाव समय से होने पर अभी संशय बना हुआ है कि क्योंकि सरकार ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन अब तक नहीं किया है।
आयोग पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय किए जाने पर अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर पंचायत चुनाव के लिए सीटों का आरक्षण किया जाना है।
आरक्षण की प्रक्रिया तब आगे बढ़ेगी जब समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर दिया जाए और आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को दे दी। गठन होने के बाद आयोग को काम करने के लिए न्यूनतम तीन महीने का समय देना होगा।
बता दें कि परिसीमन के बाद प्रदेश में जिला पंचायत सदस्य के 30 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 830 वार्ड कम हुए हैं। जिला पंचायत सदस्य के वार्डों की संख्या 3050 से घटकर 3020 हो गई हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य के 830 वार्ड कम होने के बाद अब 75.844 की जगह 75,014 वार्ड हो गए हैं।
बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत वार्डों की संख्या घटने का अनुमान है। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में अप्रैल में हुए थे, इस लिहाज से इस बार भी पंचायत चुनाव अप्रैल में होने चाहिए। |
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