राज्य में आपदा पीड़ितों को 24 घंटे में मिलेगा लाभ। फोटो-एक्स
राज्य ब्यूरो, पटना। आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने बुधवार को सरदार पटेल भवन में समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा पीड़ितों को 24 घंटे के अंदर सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित करें। पीड़ितों को राहत की राशि तेजी से उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में यह जानकारी दी गई कि शीतलहर से बचाव के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सर्प दंश के मामलों में उपचार शुरू होने से पहले डाक्टर द्वारा काटने के निशान की फोटो ली जाए और इसके आधार पर 24 घंटे के अंदर पीड़ित को राहत राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि पीड़ित समय पर राशि का उपयोग कर सकें। अग्निकांड से पीड़ितों के लिए उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकतम 15 से 20 दिन के अंदर भुगतान किया जाए। उन्होंने सभी जिलों में एसडीआरएफ भवन निर्माण हेतु शीघ्र जमीन चिह्नित कर निर्माण शुरू करने के भी निर्देश दिया।
बैठक में राज्यभर में शीतलहर से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की गई। राज्य भर में 85 से आश्रय स्थल (रैन बसेरा) बनाए गए हैं, जहां 18 हजार असहाय, वृद्ध, श्रमिक और राहगीरों को आश्रय मिला है। वहीं शीतलहर और ठंड से राहत के लिए लगभग 5900 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, जिनके लिए 15 लाख किलोग्राम से अधिक लकड़ी का उपयोग हुआ है।
निराश्रित और कमजोर वर्गों में 42 हजार से अधिक कंबल वितरित किए गए हैं। इसके अलावा मौसम संबंधी चेतावनी के लिए 70 करोड़ से अधिक एसएमएस भेजे गए हैं। सोशल मीडिया, प्रिंट व डिजिटल माध्यमों से भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में विभाग के सचिव डा.चन्द्रशेखर सिंह व संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी व अविनाश कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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