पहले चरण में ब्लाक को यूनिट मानकर आयोग ने 5.16 लाख ऐसे वोटरों की कराई थी जांच। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब जिले को यूनिट मानकर निर्वाचन आयोग ने 12.37 लाख संभावित डुप्लीकेट वोटर चिह्नित किए हैं। आयोग ने इनकी सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करा दिया है, जिसे बीएलओ को सौंपने का काम शुरू हो गया है।
एक से दो दिन में सत्यापन का कार्य तेज हो जाएगा। 20 फरवरी तक यह अभियान चलेगा। बीएलओ घर-घर जाएंगे और वोटरों के सत्यापन के साथ ही उनसे आधार कार्ड के चार अंक मांगेंगे। जो स्थायी तौर पर निवास करता नहीं मिला और आधार कार्ड भी उपलब्ध नहीं करा पाएगा, उसके नाम काट दिए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग की ओर से पहले ब्लाक को यूनिट मानकर 5.12 लाख डुप्लीकेट वोटरों की सूची तैयार की गई थी। यानी ब्लाक के भीतर ही दो या उससे अधिक पंचायतों की वोटर लिस्ट में एक नाम, पिता के नाम, समान जन्मतिथि वाले लोगों को संभावित डुप्लीकेट वोटर माना गया था।
सत्यापन के दौरान इनमें से 1.51 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए थे।अब निर्वाचन आयोग ने जिले को यूनिट मानकर संभावित डुप्लीकेट वोटरों की सूची तैयार की है। जिले के भीतर किसी भी ब्लाक के दो या उससे अधिक पंचायतों में एक नाम, पिता के नाम, समान जन्म तिथि वाले वोटरों के नाम इस सूची में दर्ज किए गए हैं।
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अब 28 मार्च को होगा प्रकाशन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में संभावित डुप्लीकेट वोटर का सर्वे शुरू हो गया है, जो 20 फरवरी तक होगा। इस कारण फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन 28 मार्च को होगा, जबकि पहले निर्धारित तिथि के अनुसार छह फरवरी को ही फाइनल वोटर लिस्ट जारी होनी थी।
ब्लाक को यूनिट मानकर सत्यापन कराया जा चुका है। अब निर्वाचन आयोग ने जिले को यूनिट मानकर संभावित डुप्लीकेट वोटरों की एक और सूची तैयार की है। इसमें 12.37 लाख मतदाताओं के नाम हैं। सूची बीएलओ को दे दी गई है। वे घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे वास्तव में जिन लोगों की पहचान डुप्लीकेट वोटर रूप में सामने आएगी, उनके नाम काटे जाएंगे। सर्वे में संबंधित मतदाताओं के आधार कार्ड के अंतिम चार अंक भी फीड किए जाएंगे। -
- विनीत सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी |
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