राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू ने विगत विधानसभा चुनाव के दौरान दलीय व एनडीए के प्रत्याशियों के खिलाफ अपने एक दर्जन नेताओं को पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। जिन नेताओं पर आरोप थे उनकी जांच के लिए जदयू ने एक कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एक दर्जन जदयू नेताओं पर कार्रवाई की गई है।
जिन लोगों को दल से निकाला गया है उनमें पूर्व विधायक अशोक सिंह,औरंगाबाद, औरंगाबाद के जदयू नेता संजीव कुमार सिंह, सहरसा के जदयू नेता प्रमोद सदा, सिवान के संजय कुशवाहा, कमला कुशवाहा, जहानाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा उर्फ शशिभूषण कुमार, जहानाबाद के जदयू नेता महेंद्र सिंह, गुलाम मुर्तजा अंसारी, अमित कुमार पम्मू, दरभंगा के जदयू नेता अवधेश लाल देव तथा गयाजी जिले में कोच के प्रखंड अध्यक्ष जमीलउर रहमान शामिल हैं।
यात्रा के माध्यम से विकास की नई रूपरेखा गढ़ रहे नीतीश कुमार : जदयू
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहचान एक ऐसे जननेता के रूप में है, जिनकी राजनीति का केंद्र आम जनता और लोकतांत्रिक संवाद रहा है। बिहार भर की यात्रा और लोगों से सीधा संवाद उनकी विशिष्ट कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा है। वे लोकतंत्र में जनता को सबसे आगे रखते हुए न केवल उनकी बात सुनते हैं, बल्कि उस फीडबैक को शासन और नीति निर्माण का आधार भी बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की यात्राओं से यह साफ झलकता है कि वह पुरानी योजनाओं की समीक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं। साथ ही, जहां-जहां विकास कार्य चल रहे हैं, उनकी वास्तविक स्थिति का भी उन्हें प्रत्यक्ष आकलन होता है। यह प्रक्रिया केवल वर्तमान कार्यों की निगरानी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि राज्य के पुनर्निर्माण और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे की ठोस योजना की नींव भी रखती है।
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