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निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी बिल के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। देश के दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने 12 फरवरी को बिजली निजीकरण, श्रम संहिता और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल से पहले सभी राज्यों में बिजली कर्मियों को साथ लेकर संयुक्त सभा और और सम्मेलन किए जाएंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया है कि 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच की शुक्रवार को दिल्ली में हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
इस आंदोलन में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, सीसीटीयू, सेवा, एआइसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी सम्मिलित हैं। संघर्ष समिति ने कहा है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल संसद में पारित किया जाता है तो इसके बहुत घातक परिणाम होंगे, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र पावर सेक्टर तबाह हो जाएंगे।
निजीकरण के खिलाफ देशभर के उपभोक्ता संगठन आएंगे एक मंच पर
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि बिजली कंपनियों के निजीकरण के खिलाफ देश भर के उपभोक्ता संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उपभोक्ता संगठनों को एक मंच पर लाया जाएगा। आंदोलन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की विश्वसनीयता का मुद्दा भी उठाया जाएगा। |
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