search

पटना कॉलेज: 164 साल पुरानी शैक्षिक विरासत, बिहार-झारखंड-ओडिशा और नेपाल के सभी महाविद्यालयों की जननी

LHC0088 The day before yesterday 05:56 views 700
  

पटना कॉलेज (फोटो-सोशल)



जागरण संवाददाता, पटना। पटना कालेज से ही पटना विश्वविद्यालय बना, पीयू के लिए पटना कालेज जरूरी है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और नेपाल के सभी महाविद्यालयों की जननी पटना पटना कालेज ही है। यह देश के सबसे पुराने आधुनिक कालेजों में से एक है। समय रोजगार केंद्रित अध्ययन पर जोर देने और शिक्षण कार्य में कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल का है।

ये बातें शुक्रवार को पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रास बिहारी प्रसाद सिंह ने कहीं। वे पटना कालेज के 164वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। प्रो. सिंह पटना कालेज के विद्यार्थी, शिक्षक व प्राचार्य भी रहे हैं। उन्होंने महाविद्यालय से जुड़ी पांच दशक से अधिक का अपना अनुभव साझा किया।

पटना कालेज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के उन सात विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अपने विषय में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। पटना कालेज के प्राचार्य की पुस्तक \“फंडामेंटल आफ कैमेस्ट्री\“ का विमोचन किया गया। पीयू की कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने कहा कि यहां के छात्र देश-विदेश में विभिन्न पदों को सुशोभित कर रहे हैं।

पूर्व कुलपति व पूर्व प्राचार्य प्रो. एलएम राम ने छात्रों को सीख देते हुए कहा कि पुस्तकों से मित्रता करें। पढ़ने के साथ लिखने का भी अभ्यास करें। छात्र-छात्राएं अगर अपने लक्ष्य को निर्धारित कर लें, तो सफल होना मुश्किल नहीं है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर अपने विषय में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया। इसमें अरबी विभाग के मो. अशर, पुरातत्व विभाग के अंकित कुमार झा, भूगोल विभाग के खुशी कुमारी, संस्कृत विभाग के प्रभात कुमार, सांख्यिकी विभाग के मो. इंतजार, उर्दू विभाग के शबाना प्रवीन, जनसंचार विभाग के ज्योति रंजन को प्रतीक चिह्न एवं प्रमाण पत्र भेंट किया गया।
प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को भी प्रतीक चिह्न एवं प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता (अंग्रेजी) के विजेताओं में प्रथम स्थान पर अंकित कुमार भूगोल विभाग, द्वितीय स्थान पर नीतीश कुमार राजनीति विज्ञान विभाग, तृतीय स्थान पर आर्यन राज राजनीति विज्ञान विभाग को सम्मानित किया गया।

निबंध लेखक प्रतियोगिता (हिंदी) के विजेताओं में प्रथम स्थान पर रोहित कुमार भूगोल विभाग, द्वितीय स्थान पर प्रिंस कुमार इतिहास विभाग, तृतीय स्थान पर लव कुमार को सम्मानित किया गया। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं में प्रथम स्थान पर प्रिया भारती मनोविज्ञान विभाग, द्वितीय स्थान पर नरगिस प्रवीन उर्दू विभाग, तृतीय स्थान पर आर्या राज अर्थशास्त्र विभाग को सम्मानित किया गया।

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों में प्रथम स्थान पर संजन कुमार भूगोल विभाग, द्वितीय स्थान पर दिव्या कुमारी अर्थशास्त्र विभाग, तृतीय स्थान पर नौशीन मुमताज अर्थशास्त्र विभाग रहीं। इसके अतिरिक्त पटना कालेज एनएसएस इकाई के चार विजेता स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया, जिसमें अंकित कुमार, भूगोल विभाग, रोहित कुमार, भूगोल, प्रिया भारतीय मनोविज्ञान विभाग,नीतीश शामिल थे।
कविता पाठ से किया मंत्रमुग्ध

कार्यक्रम में चार चांद लगाने के लिए पटना कालेज के सेमिनार हाल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आठ कवि एवं कवयित्री ने शेर एवं कविताओं का पाठ किया। कवियों में प्रो. एजाज अली अरशद, खुर्शीद अख्तर, अनिल कुमार सिंह, प्रेम कुमार, समीर परिमल, डा. अंचित एवं कवयित्री में आराधना प्रसाद एवं डा. ऋचा ने अपनी कविताओं से मंत्र मुग्ध कर दिया। मंच संचालन अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. नक्की अहमद जान एवं धन्यवाद ज्ञापन उर्दू विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. नोमान आलम ने किया।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
148496

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com