search

बिहार में पैसे के अभाव में नहीं रुकती पढ़ाई, युवाओं को मिलता है 4 लाख तक का इंटरेस्ट फ्री लोन

deltin33 Yesterday 13:56 views 730
  



अरुण विक्रांत, डुमरांव (बक्सर)। बिहार सरकार की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उच्च शिक्षा को सुलभ बना रही है। यह योजना गरीब परिवारों के युवाओं के जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवक-युवतियां बिना किसी गारंटी के शिक्षा ऋण प्राप्त कर डिप्लोमा कोर्स और उच्च शिक्षा पूरी कर रहे हैं।

योजना की सफलता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इससे उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में वृद्धि हुई है, साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। बक्सर जिले में सैकड़ों युवा इस योजना के जरिए नौकरी पाकर अपना और परिवार का भविष्य संवार चुके हैं और उन्होंने समय पर ऋण भी चुकता किया है।

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र की प्रबंधक सुनीता सिंह और वित्त अधिकारी मनु कुमार सिंह बताते हैं कि हर साल सैकड़ों युवा बिहार और अन्य राज्यों में इस ऋण की बदौलत शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनका आत्मनिर्भर बनना संभव हो रहा है।
4 लाख रुपए का ब्याजमुक्त ऋण

यह योजना विशेष रूप से गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां पारंपरिक रूप से उच्च शिक्षा आर्थिक बाधाओं के कारण दूर की कौड़ी लगती थी। योजना के तहत 4 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध है, जो पढ़ाई पूरी होने के बाद आसान किस्तों में चुकाया जा सकता है।

इसका परिणाम है कि युवा न केवल डिग्री हासिल कर रहे हैं, बल्कि प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरियां पाकर समाज में अपना योगदान दे रहे हैं।
शिक्षा से नौकरी तक का सफर

डुमरांव प्रखंड के नया भोजपुर गांव के निवासी नजीर खां एक गरीब परिवार से आते हैं। उन्होंने बीए की पढ़ाई पूरी करने के लिए Bihar Student Credit Card योजना के तहत 48,328 रुपये का शिक्षा ऋण लिया।

इस ऋण की मदद से उन्होंने स्थानीय डी.के. कालेज से अपनी डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी होने के तुरंत बाद उन्हें केलस्ट्रान पावर एलएलपी कंपनी में मार्केटिंग प्रबंधन के पद पर नौकरी मिल गई। वर्तमान में उनका वार्षिक सीटीसी 4 लाख 50 हजार रुपये है। नजीर ने न केवल अपना जीवन संवारा, बल्कि समय पर पूरा ऋण भी चुकता कर दिया।
तकनीकी शिक्षा की राह पर सफलता

बक्सर शहर के स्टेशन रोड निवासी सौम्या ओझा ने योजना के अंतर्गत शिक्षा ऋण लेकर तकनीकी शिक्षा पूरी की। आर्थिक तंगी के बावजूद इस ऋण ने उन्हें डिप्लोमा कोर्स करने का अवसर दिया। पढ़ाई पूरी करने के बाद सौम्या ने विभिन्न प्रदेशों में नौकरी हासिल की और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

उन्होंने ऋण की पूरी राशि समय पर चुका दी। सौम्या की सफलता महिलाओं के सशक्तीकरण का उदाहरण है, जो दिखाती है कि योजना लिंग-भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समान अवसर प्रदान करती है।
डिप्लोमा से रोजगार की ओर

बक्सर के गोविंदपुर गांव के सौरभ स्वर्ण ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से प्राप्त ऋण की मदद से डिप्लोमा कोर्स पूरा किया। गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले सौरभ के लिए यह योजना जीवन बदलने वाली साबित हुई।

पढ़ाई के बाद उन्होंने अन्य राज्यों के शहरों में नौकरी पाई और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की। सौरभ ने ऋण का भुगतान समय पर कर योजना की विश्वसनीयता को और मजबूत किया। उनकी कहानी युवाओं को प्रेरित करती है कि कर्ज का सही उपयोग कैसे भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है।
उच्च शिक्षा का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता

उपाध्यायपुर के अभिषेक कुमार ने योजना के तहत ऋण लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसकी बदौलत उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में डिप्लोमा हासिल किया और विभिन्न शहरों में रोजगार प्राप्त किया।

अभिषेक ने न केवल अपना करियर बनाया, बल्कि पूरा ऋण चुकाकर अन्य युवाओं के लिए मिसाल कायम की। उनकी सफलता योजना की लंबी अवधि की प्रभावशीलता को रेखांकित करती है।
ग्रामीण क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर पर उड़ान

राजपुर थाना क्षेत्र के शिशगढ़ गांव के अनुपम सिंह ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से ऋण लेकर डिप्लोमा कोर्स पूरा किया। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने अन्य प्रदेशों में नौकरी हासिल की और अपनी जिंदगी संवारी।

अनुपम ने ऋण का भुगतान कर योजना की सफलता दर को बढ़ाया। उनकी कहानी ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, जो दिखाती है कि योजना दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच रही है।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
460033

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com