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इंसानों को देखकर हिंसक हो रहा हिमालयन भालू, देहरादून चिड़ियाघर में रखा है एक विशेष बाड़े में

deltin33 2026-1-10 23:56:45 views 1244
  

चमोली के पोखरी से करीब दो सप्ताह पूर्व लाया गया था यह भालू।



जागरण संवाददाता, देहरादून। चमोली जनपद के पोखरी क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने काले हिमालयन भालू का व्यवहार अब भी सामान्य नहीं हो पाया है। करीब दो सप्ताह पहले वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद इस भालू को पिंजरे में कैद कर देहरादून चिड़ियाघर लाया था।

तब से भालू को चिड़ियाघर के एक विशेष बाड़े में रखा गया है, जिसे चारों ओर से कवर किया गया है और आम लोगों के लिए बंद रखा गया है। इसके बावजूद भालू का आक्रामक स्वभाव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहा है।

चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार भालू इंसानों को दूर से ही देखकर हिंसक प्रतिक्रिया देता है। उसके व्यवहार में अभी पूरी तरह से शांति नहीं आई है। वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम लगातार उसके स्वभाव और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि वह सामान्य वातावरण में ढल पा रहा है या नहीं।

देहरादून चिड़ियाघर के प्रभारी रेंजर विनोद लिंगवाल ने बताया कि भालू के व्यवहार में पहले की तुलना में कुछ सकारात्मक बदलाव जरूर देखने को मिले हैं, लेकिन वह अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। ठंड के मौसम को देखते हुए उसे पर्याप्त मात्रा में फल, सब्जियां, शहद और गुड़ दिया जा रहा है।

आहार में अमरूद भालू को सबसे अधिक पसंद आ रहा है, जबकि खीरा, गाजर और सेब भी नियमित रूप से दिए जा रहे हैं। करीब साढ़े पांच फीट लंबा और लगभग 110 किलोग्राम वजनी यह काला हिमालयन भालू फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ है।

हालांकि, अचानक इंसानों को देखकर आत्मरक्षा की भावना में हमला करने की उसकी प्रवृत्ति बनी हुई है। इसी कारण चिड़ियाघर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और फिलहाल भालू को यहीं विशेष निगरानी में रखने का निर्णय लिया गया है।
चिड़ियाघर में भालू रखने को हरी झंडी का इंतजार

दूसरी ओर से वन विभाग की योजना देहरादून चिड़ियाघर में पहले से ही एक काले हिमालयन भालू को रखने की है। ऐसे में राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति का इंतजार है, जिसके मिलने की स्थिति में पोखरी से लाए गए इस भालू को स्थायी रूप से चिड़ियाघर में ही रखने पर विचार किया जा रहा है।

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