बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने जारी किया आदेश।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों में आरक्षण रोस्टर का अनुपालन करना अनिवार्य कर दिया है। प्रत्येक विश्वविद्यालय और अंगीभूत महाविद्यालय में नामांकन, नियुक्ति और प्रोन्नति में आरक्षण रोस्टर और इससे जुड़े वैधानिक प्रावधानों का कार्यान्वयन प्रभावी तरीके से होगा।
यह सामान्य प्रशासन विभाग के मानक नियमावली (एसओपी) के अनुरूप होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही होने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी कुलसचिवों को आदेश जारी किया है।
बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद के विशेष पदाधिकारी डाॅ.विमल ने कुलसचिवों को पत्र जारी कर कहा है कि सभी विश्वविद्यालयों को प्रवेश, नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रियाओं में आरक्षण सूची और संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा, जो सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एसओपी के अनुरूप हो।
- शिक्षा विभाग ने सभी कुलसचिवों को दिया सख्त आदेश
- आरक्षण रोस्टर का प्रभावी कार्यान्वयन नहीं होने पर होगी कार्रवाई
- सामान्य प्रशासन विभाग के मानक नियमावली का होगा अनुपालन
- नामांकन, नियुक्ति, प्रोन्नति के पूर्व रोस्टर स्वीकृति का प्रमाणपत्र लेना जरूरी
एसओपी और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी अन्य प्रासंगिक अधिसूचनाओं के अनुसार के तहत यह अनिवार्य होगा कि आरक्षण सूची रजिस्टर को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचित नवीनतम माडल आरक्षण सूचियों के अनुसार ही तैयार और बनाए रखा जाना चाहिए।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अतिपिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग, पिछडा वर्ग की महिलाएं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांग व्यक्ति और स्वतंत्रता सेनानी के पोते-पोती के लिए सभी श्रेणियों के आरक्षण को निर्धारित आरक्षण मानदंडों के अनुसार ही लागू किया जाना चाहिए।
रिक्तियों, बैकलाॅग तथा आरक्षण रोस्टर की गणना मानक परिचालन प्रक्रिया में परिभाषित पद्धति के अनुसार की जानी चाहिए। प्रत्येक विश्वविद्यालय को मानक परिचालन प्रक्रिया में परिभाषित सक्षम प्राधिकारी से आरक्षण रोस्टर की अनिवार्य स्वीकृति सुनिश्चित करनी चाहिए।
निर्देश के मुताबिक सभी भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं के लिए विज्ञापन या अधिसूचना जारी करने से पहले आरक्षण रोस्टर का स्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्त करना आवश्यक है।
स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अधिसूचित आरक्षण प्रतिशत और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है।
सभी नियुक्ति एवं प्रवेश प्राधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आरक्षण मानदंडों से किसी भी प्रकार का विचलन राज्य सरकार के नियमों के अनुसार प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई के अधीन गैर-अनुपालन माना जाएगा।
इन निर्देशों को सभी संकाय डीन, स्नातकोत्तर विभागों के प्रमुखों, घटक एवं संबद्ध कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और चयन-प्रवेश समितियों के सदस्यों को प्रेषित कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आरक्षण रोस्टर रजिस्टर अद्यतन, सत्यापित और संरक्षित है।
बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने विश्वविद्यालयों से पंद्रह दिनों में अनुपालन प्रतिवेदन मांगा है, जिसमें यह प्रमाणित होगा कि विश्वविद्यालय और संबंधित उच्च शिक्षा संस्थानों में आरक्षण रोस्टर और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) दिशा-निर्देशों विधिवत कार्यान्वयन किया गया है। |
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