खगड़िया दलित बच्ची दुष्कर्म–हत्या मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल,
राज्य ब्यूरो, पटना। खगड़िया जिले में चार वर्षीय दलित बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और उसकी मौत के मामले में पुलिसिया कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस पूरे प्रकरण में पुलिस के व्यवहार और जांच प्रक्रिया की पड़ताल के लिए सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के नेतृत्व में बनाई गई है।
बिहार प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बताया कि खगड़िया जिले के गंगौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भदास मुसहरी से 6 जनवरी 2026 की शाम करीब चार बजे चार साल की बच्ची घर के पास से अचानक लापता हो गई थी।
परिजनों द्वारा खोजबीन के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 7 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे ड्रोन कैमरे की मदद से बच्ची का शव घर से लगभग 500 मीटर दूर सरसों के खेत से बरामद किया गया।
मंगनी लाल मंडल ने आरोप लगाया कि इस बेहद संवेदनशील मामले में पुलिस का रवैया शुरू से ही संदेहास्पद रहा है। उन्होंने कहा कि जिस अभियुक्त की गिरफ्तारी की बात पुलिस कर रही है, उस पर एफआईआर में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं, इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
8 जनवरी 2026 को पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में सिर्फ यह कहा गया कि नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले में मृतका की मां के बयान के आधार पर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन न तो कांड संख्या बताई गई और न ही धाराओं का जिक्र किया गया।
राजद का आरोप है कि इस अस्पष्टता से पुलिस की मंशा पर सवाल उठते हैं। पार्टी का यह भी कहना है कि घटना के विरोध में आंदोलन कर रहे राजद कार्यकर्ताओं को ही फंसाने का प्रयास किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदेश राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने जानकारी दी कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के निर्देश पर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सामने लाने के लिए जांच समिति गठित की गई है।
समिति में उदय नारायण चौधरी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) के अलावा अलख निरंजन उर्फ बीनू यादव (राष्ट्रीय महासचिव), मधु मंजरी (प्रदेश उपाध्यक्ष), बल्ली यादव (प्रदेश महासचिव सह प्रमंडलीय प्रभारी, मुंगेर), सारिका पासवान (प्रदेश प्रवक्ता), राजेश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, युवा राजद) और मनोहर कुमार यादव (जिलाध्यक्ष, खगड़िया) को सदस्य बनाया गया है।
जांच समिति घटनास्थल का निरीक्षण करेगी, पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों से बातचीत कर सभी तथ्यों को संकलित करेगी और तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट राजद के राज्य कार्यालय को सौंपेगी।
राजद ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को सजा दिलाने और पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी। |
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