मकर संक्रांति को लेकर बाजारों में खरीदारी तेज। जागरण
जागरण संवाददाता, मधुबनी। मकर संक्रांति इस साल 15 जनवरी को मनाई जाएगी। 14 जनवरी को दिन में सूर्य अपनी खगोलीय स्थिति के अनुसार मकर राशि में प्रवेश करेगा और उत्तरायण की शुरुआत होगी। इस पर्व की तैयारियों ने लोगों को उत्साहित कर दिया है। दुकानों में तिल, गुड़, लड्डू, दही और दूध का स्टॉक सामान्य से कई गुना बढ़ा दिया गया है। स्थानीय लोग भी त्योहार के लिए खरीदारी में जुटे हैं।
दिनभर हर बाजार में खरीदारी चलती रही
मंकर संक्रांति को लेकर सोमवार को दिनभर हर बाजार में खरीदारी चलती रही। तिलकुट, लाई, चुड़लाई, मुरही आदि से लेकर तमाम तरह की उपयोग होने वाली चीजें लोग खरीदते दिखे। शहर के बाटा चौक, गिलेशन बाजार में जमकर मकर संक्रांति में उपयोग होने वाली सामग्रियों की करते दिखे।
बाजार में धूप खिल जाने के बाद काफी भीड़ पहुंची थी। लोग अपनी क्षमता के हिसाब से हर जरूरत की चीजें खरीदते दिखे। मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा का भोज खूब होता है। इसकी भी जगह-जगह तैयारी चल रही है। कई जगहों पर मकर संक्राति को लेकर एक दिन पूर्व यानी मंगलवार को ही भोज की तैयारी चल रही है।
शहर में ही कई जगहों पर मिथिलांचल की सबसे प्रिय और प्रचलित भोजन चुड़ा-दही का भोज होगा। नगर विधायक माधव आनंद भी शहरवासियों के लिए चूड़ा-दही के भोज का आयोजन कर रहे हैं। कई दिनों से इसकी तैयारी हो रही है। अन्य कई संगठन व संस्थाएं भी मकर संक्रांति व पूर्व संध्या पर लोगों को निमंत्रण दे रखे हैं।
कतरनी, मिर्चा चूड़ा, तुलसीफूल का चूड़ा भी बाजार में उपलब्ध हैं। शंकर चौक के समीप चूड़ा मिल के संचालक ने बताया कि इसबार कतरनी, तुलसीफूल और सामान्य चूड़ा की खूब डिमांड हैं।
खरीदारी कर रहे सोहन कुमार, नीतीश रंजन आदि ने बताया कि इसबार बाजार में कतरनी सामान्य चूड़ा 100 रुपये प्रतिकिलो, भागलपुरी कतरनी का चुड़ा करीब 150 रुपये, तुलसीफूल के चूड़ा की कीमत करीब 150 रुपये प्रतिकिलो है।
भागलपुरी कतरनी का चूड़ा खरीद रही रीतु झा बताती हैं कि पर्व के लिए एक किलो चूड़ा खरीदी हैं। इसमें काफी गमक होती है। खाने में स्वाद भी लाजवाब। गिलेशन के एक दुकानदार सोहन भगत ने बताया कि इसबार करीब 10 से 15 फीसदी तक पिछले साल के मुकाबले मंहगाई बढ़ी है।
जिले में मंकर संक्रांति पर 1.60 लाख किलो सुधा दही की डिमांड
मधुबनी जिले में सिर्फ सुधा दही की मकर संक्रांति पर करीब 1.60 लाख किलो सुधा के दही की डिमांड है। इसके अलावा अन्य ब्रांर्डों की दही व दूध की भी आपूर्ति होगी। एक आकलन के मुताविक करीब दो लाख किलो दही लोग बाजार से खरीदकर खाएंगे।
वहीं तीन दिनों में करीब 4 लाख लीटर दूध की भी डिमांड है। सुधा की ओर से डिमांड के अनुसार इसकी समय से आपूर्ति कराने के लिए बेहतर व्यवस्था इसबार की गई है।
मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, समस्तीपुर की इकाई दुग्ध शीतक केंद्र, मधुबनी के द्वारा मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर मधुबनी जिले के 11 पथों पर अपने वाहनों के माधयम से दही व अन्य सामग्री पहुंचाएगी।
दूध शीतक केन्द्र मधुबनी के प्रभारी पदाधिकारी विभव प्रकाश सिंह ने बताया कि हर वर्ग के ग्राहकों को ख्याल रखते हुए 200 ग्राम दही से लेकर 400 ग्राम, 1 किलो, दो किलो, 5 किलो और 15 किलोग्राम के डब्बे उपलब्ध कराये गये हैं।
मंगलवार रात तक सभी सामग्री पहुंच जाएगी। यह उत्पाद 1000 सुधा काउंटर एवं जिला 19 दुग्ध संग्रहण पथ में कार्यरत 250 दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों से जुड़े लगभग 5000 दूध उत्पादक किसान तक दही पहुंचेगी। सोमवार, मंगलवार व बुधवार को तीन दिनों में 3.50 लाख लीटर दूध की आपूर्ति की मांग है। जिसे समय से शहर से लेकर गांव तक पहुंचा दिया जाएगा।
शहर में पतंगों की हो रही खूब ब्रिकी
मकर संक्रांति को लेकर पतंग की बिक्री बढ़ गई है। चूड़ा बाजार, महंथी लाल चौक सहित अन्य चौक चौराहे पर पंतगों की खूब बिक्री चल रही है। इसबार पतंगों पर कई चटख रंगों की पन्नी का उपयोग किया गया है जो लोगों को अपनी ओर से लुभा रहा है। सबसे अधिक पतंग 2026 लिखी हुई बिक रही है।
दुकानदार रंजीत साह ने बताया कि वे खुद पतंग तैयार करते हैं। हर रेंज के पतंग उनके पास हैं। वैसे 10 रुपये वाले अधिक बच्चों की पसंद बन रही है। उन्होंने बताया कि वे लटाई और मांझा जयपुर, हैदराबाद, बरैली आदि शहरों से मंगाते हैं। बाजार में इसकी कीमत 10 रुपये से लेकर करीब 250 रुपये तक की है।
राजू साह ने बताया कि इस रेंज की लटाई अधिक बिकती है। इसकी लंबाई भी करीब 1000 गज से लेकर 1500 सौ गज तक होता है।पतंग खरीदने दुकान पर आए सुलेख कुमार, आनंद मंडल ने बताया कि वे लोग हर साल पतंगबाजी करते हैं। खासकर मकर संक्रांति पर लोग खूब पतंगबाजी करते हैं। लोगों की पतंगें काटकर आनंद लेते हैं। |