पूर्वी लिंक नहर योजना अंतिम चरण में (प्रतीकात्मक तस्वीर)
राज्य ब्यूरो, पटना। जल संसाधन विभाग ने पूर्वी लिंक नहर के लाईनिंग कार्य को तत्परता और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सोन नहर प्रणाली के तहत किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने एवं कृषि उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
नहर प्रणाली का आधुनिकीकरण पुराने कमांड क्षेत्रों के विस्तार और उन्नत सिंचाई नेटवर्क के निर्माण के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की सिंचाई संरचना मजबूत और सतत होगी।
पूर्वी लिंक नहर (कुल लंबाई 10.20 कि.मी.) के पुनर्स्थापन और लाईनिंग कार्य अब अंतिम चरण में है। कार्य पूर्ण होने से पटना मुख्य नहर एवं पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर में जलश्राव उपलब्ध कराने में आसानी होगी। इससे पूर्वी लिंक नहर से जुड़े वितरण प्रणालियों में अंतिम छोर तक जल पहुंचाना सुनिश्चित होगा।
किसानों को उनकी फसल के लिए आवश्यक पानी समय पर मिलेगा। साथ ही, नहर निरीक्षण और ग्रामीण आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 7.46 कि.मी. लंबी बिटुमिनस सेवापथ का निर्माण कार्य भी अब अंतिम चरण में है। प्रयास है कि इस महीने पूर्ण कर लिया जाएगा।
पहल से 1539 हेक्टेयर कृष्य कमाण्ड क्षेत्र में प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और 1,64,102 हेक्टेयर क्षेत्र में अप्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित होगा। सीधे तौर पर औरंगाबाद जिले के बारूण, औरंगाबाद, गोह, रफीगंज, ओबरा, दाउदनगर एवं हसपुरा प्रखंड है। वहीं, गया जिले के कोंच एवं टेकारी प्रखंड।
अरवल जिले के कलेर एवं अरवल प्रखंड। पटना जिले के पालीगंज, दुल्हिनबाजार, नौबतपुर, बिहटा एवं बिक्रम प्रखंड के किसानों को लाभ मिलेगा। |