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सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मथुरा। नाबालिग नातिन के साथ दुराचार करने वाले बाबा को एडीजे द्वितीय अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ब्रिजेश कुमार की अदालत ने आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त ने नाबालिग नातिन के साथ दो बार दुराचार किया था। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भगतसिंह आर्य व विशेष लोक अभियोजक रामपाल सिंह ने की।
दो बार किया था बाबा ने दुष्कर्म, दोनों पक्षों में बाद में हो गया था समझौता
नौहझील थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी की मां अपनी बड़ी बेटी के साथ 21 जुलाई 2020 की दोपहर करीब एक बजे घर का सामान लेने बाजना गई थी। उसकी छोटी बेटी घर पर अकेली थी। दोपहर दो बजे करीब किशोरी के सगे बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद दो अगस्त 2020 को किशोरी की मां जब खेत पर गई तो बाबा ने फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी को धमकी दी कि यदि उसने परिवार के किसी सदस्य को इस बारे में जानकारी दी तो वह उसकी मां और पिता को जान से मरवा देगा।
किशोरी के पूर्व के बयानों के आधार पर 75 वर्षीय बाबा को सजा, 55 हजार अर्थदंड भी
किशोरी की मां जब खेत से वापस आई तो उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी। मां ने अपने ससुर के खिलाफ नाबालिग बेटी के साथ दुराचार करने की रिपोर्ट लिखाई। विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
विशेष लोक अभियोजक रामपाल सिंह ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त को अपनी सगी नातिन के साथ दुराचार करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दी गई है। अभियुक्त जमानत पर था। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने उसका सजाई वारंट बना उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षाें में हुआ था समझौत
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था। पीड़िता और अन्य गवाह पक्षद्रोही हो गए थे। अदालत ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए किशोरी के बयानों को आधार मानते हुए अभियुक्त को सजा दी। बाबा की अब उम्र 75 वर्ष है। |
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