LHC0088 • Yesterday 23:27 • views 681
झारखंड निकाय चुनाव। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सबसे अधिक सक्रियता कांग्रेस के पूर्व विधायकों की देखी जा रही है। कुछ पूर्व विधायक स्वयं मैदान में उतरने का मूड बना रहे हैं तो कुछ परिवार के सदस्यों को आगे करना चाहते हैं। इससे दोहरा लाभ है।
पहला लाभ यह कि अगर किसी तरह से जीत मिली तो हार का कलंक धुलेगा अन्यथा अपने क्षेत्र में सक्रियता बनी रहेगी। सभी नेता अपने-अपने स्तर से केंद्रीय नेतृत्व से भी संपर्क बनाए हुए हैं। कुछ नेताओं ने क्षेत्र में इस बात को लेकर प्रयास भी तेज कर दिए हैं।
चारों ओर अपने स्तर से ही खबर फैलाकर ऐसे नेताओं का काम कार्यकर्ताओं ने आसान बना दिया है। कुछ पूर्व मेयर और पार्षद भी किस्मत आजमाते दिख रहे हैं। ऐसे ही लोगों में रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो का नाम है। रमा अधिकृत तौर पर कांग्रेस की उम्मीदवार बन जातीं लेकिन झामुमो ने रोड़ा अटका रखा है।
रांची के बाद धनबाद, बोकारो, पलामू, गढ़वा, हजारीबाग आदि जिलों में भी कई पूर्व विधायक स्वयं अथवा अपने लोगों को मैदान में उतारने की दिशा में सक्रिय हैं। धनबाद में झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के समर्थक इस बात का प्रचार करने में जुटे हैं कि वह मेयर चुनाव लड़ सकती हैं।
हालांकि, पार्टी में किसी स्तर पर उन्होंने किसी से बात की हो, इसकी सूचना नहीं मिल रही है। हालांकि उनके ही परिवार से पूर्व मेयर इंदू सिंह के चुनाव लड़ने की बातें तेजी से फैल रही है। युवा कांग्रेस के नेता अभिजीत राज का नाम भी बाजार में आ चुका है।
धनबाद से चंद्रशेखर अग्रवाल के भी मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। अग्रवाल फिलहाल भाजपा में हैं। यहां भाजपा सांसद ढुलू महतो की पत्नी सावित्री देवी को लेकर भी चर्चा का बाजार बना हुआ है। सूत्र बताते हैं कि अगर चंद्रशेखर अग्रवाल को भाजपा से हरी झंडी नहीं मिली तो झामुमो या कांग्रेस भी उनके नाम को आगे बढ़ा सकती है।
पलामू से पूर्व विधायक केएन त्रिपाठी की बेटी का नाम कांग्रेस के नेता आगे बढ़ा रहे हैं। त्रिपाठी स्वयं बेटी के लिए प्रयासरत हैं। बोकारो से अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मंजूर अंसारी, जमील अख्तर आदि कई लोगों का नाम चल रहा है। पूर्व मेयर भोलू पासवान का नाम भी कांग्रेस उम्मीदवारों की लिस्ट में है।
हजारीबाग में मेयर का पद ओबीसी-1 के लिए आरक्षित होने के बाद राजनीति तेजी से करवट ले रही है।
यह भी पढ़ें- झारखंड निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने बनाई रणनीति, प्रमंडल स्तर पर होगा सर्वेक्षण |
|