रविंद्र बड़थ्वाल, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार कर दी है। समान नागरिक संहिता का मास्टर स्ट्रोक खेलकर वर्ष 2022 के चुनावी संग्राम में कांग्रेस को बड़े अंतर से मात दे चुके धामी अगले चुनाव में देवभूमि के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक स्वरूप को बिगाड़ने नहीं देने के संकल्प के साथ अधिक आक्रामक रहेंगे।
गत दिवस आयोजित जागरण फोरम में मुख्यमंत्री ने मुख्य विपक्षी पार्टी को कड़े संदेश तो दिए ही, साथ में हिंदुत्व को केंद्र में रखकर आगामी चुनावी एजेंडे का अनावरण भी कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी की छवि सौम्य और विनम्र राजनेता की रही है। मुख्यमंत्री के रूप में चार वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके धामी अब इस छवि से कहीं आगे बढ़कर आक्रामक मुद्रा में हैं।
उनके तेवरों में यह बदलाव जमीनी राजनीति को लेकर उनकी बढ़ती समझ को दर्शा रहा है। साथ में अगले विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ते कदमों के साथ विपक्ष के तेज होते हमले, नैरेटिव गढ़ने की जोर आजमाइश ने धामी को भी आक्रमण की धार तेज करने का आधार दे दिया है।
अगला चुनाव भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही राष्ट्रीय दलों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। कांग्रेस इसे अस्तित्व की लड़ाई से जोड़ चुकी है तो भाजपा के सामने लगातार तीसरे वर्ष एंटी इनकंबेंसी को प्रो इनकंबेंसी में बदलने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रणनीति को धरातल पर उतारने की चुनौती है।
मोदी और उनकी राजनीति अब मुख्यमंत्री धामी की मार्गदर्शक है। धामी इसे बेहिचक स्वीकार भी करते हैं। कांग्रेस जिस प्रकार हर विषय पर आक्रामक हुई है, उसने धामी को भी अधिक आक्रामक और तेजी से पलटवार में सिद्धहस्त बना दिया है।
जागरण फाेरम में मुख्यमंत्री अपनी इस छवि के साथ और निखरे रूप में सामने आए हैं। तकरीबन हर राेज कभी पहाड़ तो कभी मैदान में लंबी दूरियां नाप रहे धामी अब वायदों और दावों को लेकर विपक्ष के हमलों पर भी तेजी से पलटवार कर रहे हैं।
समान नागरिक संहिता के रूप में वर्ष 2022 के चुनावी वायदे को पूरा कर राजनीतिक एजेंडे पर धामी सरकार का एजेंडा और स्पष्ट हुआ है। वहीं केंद्र और राज्य की कई महत्वपूर्ण विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करने के बल से मुख्यमंत्री को ऊर्जा मिल रही है। |
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