मेले में पहुंचा 11 लाख कीमत का घोड़ा।
संवाद सहयोगी, जागरण कानपुर। मकनपुर मेले के उद्घाटन के बाद पशु बाजार में लोगों की चहल पहल बढ़ गई है। रविवार को मेले में 11 लाख कीमत का घोड़ा पहुंचा। जिसे देखने के लिए आसपास क्षेत्र के लोग मेले में पहुंचे।
मकनपुर का पशु मेला देश भर में मशहूर है। मेले में लोग उन्नत नस्ल के पशुओं की खरीद व बिक्री के लिए आते हैं। शनिवार को उद्घाटन के साथ ही पशु बाजार में भी रौनक बढ़ने लगी है। बाहर से आने वाले व्यापारियों का घोड़े, खच्चर लेकर आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
घोड़ा बाजार में घोड़ों की आमद तेज हो गई है। हरदोई के राजेश कुमार पांच घोड़ों को लेकर मेले में पहुंचे। उनके पास सबसे महंगा घोड़ा ग्यारह लाख रुपये का है। उन्होंने बताया कि घोड़े के सात लाख रुपये लग चुके हैं। लेकिन बिक्री नहीं की। उन्होंने बताया कि घोड़े के रोज के खानपान पर पांच से छह सौ रुपये का खर्च आता है।
कुछ खरीददार घोड़ों को देखने आ चुके हैं उम्मीद है कि घोड़ों की अच्छी कीमत मिलेगी। वहीं घोड़ों की काठी लगाम, मुश्क के साथ ही सजावट का सामान बेचने वाले दुकानदारों ने भी दुकानें लगा ली हैं। मकनपुर ग्राम प्रधान मजाहिर हुसैन, चांदी भाई, नजीबुल बांकी, धर्मेंद्र सैनी, राजा, फराज ने बताया कि पहले मेला शुरू होने के एक महीने पहले से ही ऊंटों का आना शुरू हो जाता है।
लेकिन अब बिक्री कम होने के चलते मेले में ऊंटों का आना बंद हो गया है। वहीं, गाय भैंस भी पहले की अपेक्षा बहुत कम आती हैं।
वंसत पंचमी को होती है मेले में भीड़
ग्राम प्रधान ने बताया कि वसंत पंचमी पर्व के अवसर पर मेले में भीड़ उमड़ती है। मेले में आसपास के साथ ही कई प्रदेशों के लोगों का आना होता है। मेला छह सौ वर्ष से अधिक पुराना है। इस वर्ष 607वां मेला है। मदार साहब की दरगाह पर प्रतिवर्ष दो बार मेले का आयोजन होता है।
एक बार उर्स के समय मेला लगता है। वहीं दूसरी बार वसंत पंचमी के अवसर पर मेला लगता है। वसंत पंचमी के अवसर पर क्षेत्रीय लोग दरगाह परिसर में छोटे बच्चों का मुंडन कराते हैं। मेला लगभग एक माह तक चलता है। आसपास के लोग अपनी जरूरत का सामान मेले से खरीदते हैं। |
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