नई दिल्ली,
भारत की ऊर्जा यात्रा अब एक नई दिशा में बढ़ रही है, क्योंकि देश के 7 sedimentary basins में तेल और गैस की खोज को लेकर उन्नत तकनीक से अध्ययन शुरू किया गया है, यह जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी।
पुरी ने बताया कि
“Mission Anveshan, भारत के इतिहास का सबसे बड़ा oil & gas seismic mapping programme, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के तहत लॉन्च किया गया है।”

इस मिशन की कुल लागत ₹792 करोड़ है।
इसका लक्ष्य 20,000 ground line kilometres (GLK) की seismic survey करना है।
अब तक 8,000 GLK से अधिक क्षेत्र का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।
“From the sands of Rajasthan to the sea depths of the KG Basin — Bharat is mapping its own energy future,”
पुरी ने कहा।
मंत्री ने बताया कि
1 मिलियन वर्ग किलोमीटर का offshore क्षेत्र अब exploration के लिए खोला जा चुका है।
पहले जो ‘No-Go’ areas थे, उनमें से 99% अब clearance पा चुके हैं।
Open Acreage Licensing Programme (OALP) के तहत नए तेल और गैस ब्लॉक्स को लेकर domestic और global energy players में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
पुरी ने बताया कि:
OALP-X में 25 नए ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं।
154 exploration blocks सक्रिय हैं।
14 नई खोजें (discoveries) हुई हैं।
ONGC फिलहाल 34,000 BOPD oil और 3 MMSCMD gas का उत्पादन कर रही है।
सरकार ने हाल ही में Draft Petroleum and Natural Gas Rules,
Model Revenue Sharing Contract (MRSC) और Petroleum Lease पर सुझाव आमंत्रित किए हैं।
Oilfields (Regulation and Development) Act, 1948 में मार्च 2025 में संशोधन के बाद
नई PNG rules सिर्फ तीन महीनों में लागू की गईं, जिससे
OALP Round X दुनिया की सबसे बड़ी exploration & production bidding rounds में से एक बन गई है।
पुरी ने कहा,
“यह भारत के तेल और गैस सेक्टर में निवेश करने का सबसे सुनहरा समय है।
आज exploration पहले से कहीं आसान, तेज़ और अधिक लाभकारी हो गया है।”
🔹 Mission Anveshan से भारत का energy map फिर से लिखा जा रहा है।
🔹 Domestic reserves से import dependence घटेगा।
🔹 Global investors के लिए खुल रहे हैं नए अवसर।
💡 “India is not just exploring energy — it’s defining its energy independence.”
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