Republic Day 2026: इस साल ईयू के सदस्य होंगे शामिल।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। आजादी के बाद से ही गणतंत्र दिवस के अवसर पर चीफ गेस्ट को बुलाने की परंपरा रही है। इस साल भी भारत में चीफ गेस्ट के रूप में EU के दो खास मेहमान \“उर्सुला वॉन डेर लेयेन\“ और \“एंटोनियो कोस्टा\“ के नाम पर मुहर लग गई है। दरअसल भारत के लिए गणतंत्र दिवस का दिन बेहद ही खास होता है। इस दिन कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की शक्ति का प्रदर्शन करके भारतीय नागरिक और विदेशी मेहमानों को भारत की सैन्य शक्ति के परिचित करवाया जाता है।
लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आखिर गणतंत्र दिवस के मौके पर शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों को कौन आमंत्रित करता है और यह कैसे तय किया जाता है कि आखिर इस साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर किस देश के खास मेहमान को आमंत्रित करना है।
छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया
देश में गणतंत्र दिवस के मौके पर विदेशी मेहमानों को आमंत्रित करने के लिए इसकी प्रक्रिया आयोजन से छह महीने पहले ही शुरू हो जाती है। गणतंत्र दिवस पर किसी देश के चीफ गेस्ट को आमंत्रित करने के लिए एक लंबी प्रक्रिया होती है। इसके लिए कई चरण होते है और प्रत्येक चरण से मंजूरी मिलने के बाद ही यह तय किया जाता है कि किस देश के चीफ गेस्ट को आमंत्रण भेजना है।
किस आधार पर किया जाता है चयन
चीफ गेस्ट के रूप में किसे आमंत्रित करना है, इसके लिए निर्णय कई फैक्टर को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। सबसे पहले यह देखा जाता है कि भारत के उस विशेष देश के साथ कैसे संबंध है। साथ ही उस देश की भारत की सेना, राजनीतिक और अर्थव्यवस्था के साथ रिश्ते कितने मधुर है। इसके साथ चीफ गेस्ट को बुलाने से पहले यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि क्या वाकई वह देश भारत में आमंत्रित करने के लिए योग्य है।
विदेश मंत्रालय करता है सूची तैयार
चीफ गेस्ट का चयन करने के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा सूची तैयार की जाती है। साथ ही विदेश मंत्रालय द्वारा सूची बनाते समय यह भी ध्यान में रखा जाता है क्या उस विशेष देश को भारत में बुलाने से भारत के द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे। इसके बाद यह सूची राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी जाती है। चीफ गेस्ट का चयन करते समय यह भी सुनिश्ति किया जाता है कि दोनों देशों के बीच कोई विवादित स्थिति तो नहीं है।
औपचारिक निमंत्रण भेजना जरूरी
चीफ गेस्ट का नाम तय हो जाने के बाद भारत सरकार की ओर से उस विशेष देश को औपचारिक निमंत्रण भेजा जाता है। बता दें, औपचारिक निमंत्रण में चीफ गेस्ट को गणतंत्र दिवस पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
चीफ गेस्ट के लिए खास तैयारपी
26 जनवरी के दिन चीफ गेस्ट को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठने के लिए आमंत्रित किया जाता है। सबसे पहले चीफ गेस्ट को 21 तोपों की सलामी दी जाती है। बता दें, राष्ट्रपति भवन में उन्हें \“गार्ड ऑफ ऑनर\“ देकर सम्मानित किया जाता है। इसके बाद चीफ गेस्ट राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री द्वारा चीफ गेस्ट के सम्मान में एक भव्य आयोजन भी किया जाता है, जिसमें विदेश मंत्री समेत उपराष्ट्रपति भी शामिल होते हैं।
यह भी पढ़ें: Republic Day 2026: कब शुरू हुई गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट बुलाने की परंपरा, इस बार EU के सदस्यों को मिला न्योता |
|