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PM Kisan 22nd Installment: किसान लगातार अंचल और रैयत कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पश्चिम चंपारण के 70 प्रतिशत से अधिक किसानों के 22वीं किस्त से वंचित होने की आशंका गहराने लगी है।
जिले में फार्मर आईडी बनाने के लिए कृषि और राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जनवरी माह में दो-दो विशेष अभियान चलाए गए, लेकिन ये अभियान अपेक्षित परिणाम नहीं दे सके। जिले में कुल 2 लाख 76 हजार 731 किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं।
दो विशेष अभियान बीत जाने के बावजूद अब तक मात्र करीब 76 हजार किसानों का ही फार्मर आईडी बन पाया है। ऐसे में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक लाभुक किसान अब भी फार्मर आईडी से वंचित हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिन किसानों का फार्मर आईडी नहीं बन पाएगा, उन्हें योजना की 22वीं किस्त नहीं मिल सकती है।
ई-केवाईसी आसान, लेकिन निबंधन बाधा
फार्मर आईडी जेनरेट करने के लिए ई-केवाईसी और किसान निबंधन अनिवार्य है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया तो अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन अधिकांश किसानों के नाम पर जमाबंदी नहीं होने के कारण किसान निबंधन नहीं हो पा रहा है। पूर्वजों के नाम पर दर्ज जमीन को अपने नाम कराने के लिए किसान लगातार अंचल और रैयत कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सुधार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
किसानों में बढ़ी नाराजगी
सरकार के इस निर्णय को लेकर किसानों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे वर्षों से पूर्वजों के नाम पर दर्ज जमीन का लगान सरकार को देते आ रहे हैं, फिर भी अब केवल जमाबंदी के आधार पर सम्मान निधि से वंचित करना गलत है। अंचल कार्यालयों में जमाबंदी सुधार नहीं हो पाने से किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। 21वीं किस्त तक लाभ मिलने के बाद अब नए नियम लागू होने से किसानों में निराशा का माहौल है। |
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