खजुहा कस्बे में ककरहा तालाब का वह टीला जहां हुआ हादसा व चांदनी की फाइल फोटो। जागरण
संवाद सहयोगी, बिंदकी (फतेहपुर)। घर की फर्श व चूल्हे की पुताई करने के लिए सुबह तालाब में मिट्टी खोदाई करते समय ऊपरी हिस्से का टीला ढह गया। जिससे मलबे में दो बहनों समेत पांच महिलाएं दब गई। चीख पुकार के बीच ग्रामीणों ने बुलडोजर बुलवाया। जिससे मलबा हटाया गया, तब तक एक किशोरी की मौत हो गई जबकि इसकी बहन समेत चार घायलों को इलाज के लिए सीएचसी बिंदकी में भर्ती किया गया। यहां से एक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
कोतवाली के खजुहा कस्बे के मुहल्ला कटरा निवासी मनोज कुमार की 12 वर्षीय पुत्री वर्षीय चांदनी अपनी बड़ी बहन मुस्कान के साथ शुक्रवार की सुबह दस बजे ककरहा तालाब के टीले में मिट्टी लेने के लिए गई थीं। यहां पहले से मुहल्ला हनुमान गढ़ी निवासी गुड़िया पत्नी सुरेंद्र, इसकी पुत्री शिवानी व ननद मोना टीले से नीचे मिट्टी खोद रही थी। दोनों बहनें भी मिट्टी खोदने लगी। इस दौरान ऊपरी टीला ढह गया। जिससे सभी पांचों लोग मलबा में दब गए। मोना व गुड़िया का पैर दब गया। इनके शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग दौड़कर पहुंचे।
मलबे में तीन किशोरियों के दबे होने पर बुलडोजर बुलवाया गया। मिट्टी हटाने के बाद इनको निकाला गया। इसमें चांदनी की मौके पर ही मौत हो गई। चारों घायलों को सीएचसी बिंदकी इलाज के लिए लाया गया। यहां पर इलाज के दौरान डा. दिनेश ने मुस्कान को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। कोतवाली प्रभारी हेमंत मिश्रा ने बताया कि टीला ढहने से चांदनी की मौत हुई है। जबकि चार घायल हैं। इनका इलाज चल रहा है।
पिता की मौत के बाद ननिहाल में रहती थी
कानपुर जिले के थाना साढ़ के बरई निवासी मनोज की करीब दस वर्ष पहले मौत हो गई थी। इस पर इनकी पत्नी गुड्डन खातून पुत्री नेहा, मुस्कान, नगमा, पुत्र समीर, इबरान व चांदनी को लेकर मायके खजुहा के मुहल्ला कटरा में आकर रहने लगी थीं। तब से यहीं पर मजदूरी करते बच्चों को पाल रही है। तालाब में मिट्टी खोदने के दौरान हुए हादसे में गुरुवार को चांदनी की मौत हो गई है।
टीला में दबने से दम घुट रहा था
हादसे में घायल हुई मुस्कान ने बताया कि उसकी दिवंगत बहन चांदनी का हाथ पकड़े थी। मिट्टी खोद चुकी थी। उसे टीले के अंदर से हाथ पकड़ कर बाहर ला रही थी। उसी समय टीला ढह गया। दोनों उसी में दब गए। इस दौरान बहन का हाथ छूट गया। मलबे में दबने के बाद भी चिल्लाने की खूब कोशिश की पर आवाज ही नहीं निकल रही थी। दम घुटने लगा था।
मां ने मना किया था, पर मौत ...
..सीएचसी में भर्ती घायल मुुस्कान ने बताया कि जब दोनों बहन मिट्टी लेने के लिए तालाब जा रही थीं, तो मां ने मना किया था। इसके बाद भी दोनों मिट्टी लेने के लिए फावड़ा व तसला लेकर पहुंच गईं। उधर पुत्री की मौत के बाद गुड्डन खातून रो-रोकर बेहाल है। बार-बार यही कह रही है कि मना किया पर मौत ही उसे खींच ले गई। |
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