नई दिल्ली। सरकार ने रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें दिग्गज बैंकर और उद्योगपति उदय कोटक को वित्तीय क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
उदय कोटक की उद्यमी यात्रा भारतीय वित्तीय क्षेत्र की सबसे प्रेरक सफलता कहानियों में से एक मानी जाती है। 1990 के दशक की शुरुआत में उन्होंने कोटक फाइनेंस के माध्यम से ऑटो लोन, निवेश बैंकिंग और स्टॉकब्रोकिंग जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया, उस समय जब भारत अपनी अर्थव्यवस्था को उदार बनाने की प्रक्रिया में था। 1991 की आर्थिक उदारीकरण नीति ने निजी वित्तीय संस्थानों के लिए नए अवसर खोले, और कोटक ने इस बदलाव को सही समय पर समझा और अपनाया।
शुरुआत में उदय कोटक किसी बड़े कारोबारी घराने से नहीं थे और न ही उनके पास बड़े निवेशकों का समर्थन था। कई संभावित ग्राहक एक नई कंपनी पर भरोसा करने में संकोच कर रहे थे। इसके बावजूद, उन्होंने अपने व्यवसाय को ईमानदारी, पारदर्शिता और कम जोखिम वाली ऋण नीति के सिद्धांतों पर खड़ा किया। उनके फैसले आक्रामक विस्तार के बजाय विवेकपूर्ण और तर्क आधारित रहे।
कोटक समूह की शुरुआती यात्रा परिवार और दोस्तों से लिए गए मात्र 30 लाख रुपये के ऋण से शुरू हुई बिल डिस्काउंटिंग के छोटे कारोबार से हुई। यही छोटी शुरुआत आगे चलकर भारत के सबसे बड़े निजी बैंकिंग समूहों में से एक की नींव बनी।
आज कोटक महिंद्रा बैंक भारत का चौथा सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बैंक बन चुका है, जो दशकों की स्थिर वृद्धि और अनुशासित नेतृत्व को दर्शाता है। पद्म भूषण सम्मान उदय कोटक के भारतीय बैंकिंग और वित्तीय परिदृश्य पर स्थायी प्रभाव और उदारीकरण के बाद के दौर में एक मजबूत और विश्वसनीय निजी वित्तीय संस्थान के निर्माण में उनकी भूमिका को मान्यता देता है।
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं, जिन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री की तीन श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। पद्म पुरस्कार कला, समाज सेवा, सार्वजनिक कार्य, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, खेल और सिविल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट सेवा के लिए दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है और राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में आमतौर पर मार्च या अप्रैल में सम्मान प्रदान किया जाता है।
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