अमेरिका में ये शख्स स्टाफ डेटा साइंटिस्ट के रूप में काम कर रहा था, लेकिन 2017 में इसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो गईं और इस शख्स के सामने अमेरिका के हेल्थ सिस्टम की सच्चाई सामने आई।

रेडिट पर इस शख्स ने आगे लिखा कि अमेरिकी हेल्थकेयर में कई ऐसे डरावने शब्द हैं जो किसी साधारण बीमारी को वास्तविकता से कहीं अधिक जटिल और खतरनाक बना देते हैं।
एनआरआई ने साल 2018 में सिजोअफेक्टिव डिसऑर्डर हो जाने के बाद अमेरिका में अपना काम जारी रखा, लेकिन अमेरिकी डॉक्टरों से मिल रही राय पर सवाल उठाए।
एनआरआई ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि 'अगर मुझे अभी भी सिजोफ्रेनिया होता, तो मैं डिग्री और नौकरी कभी नहीं कर पाता। सिजोफ्रेनिया से पीड़ित लोगों को स्पष्ट और विश्वसनीय मतिभ्रम और भ्रम होते हैं।
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