search

मुजफ्फरपुर में सरपंच की पिटाई का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, हाथ-पैर तोड़ने और अवैध वसूली का आरोप

deltin33 1 hour(s) ago views 201
  

सरपंच की पिटाई का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग



संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। जिले के पियर थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी सरपंच लालबाबू सहनी की बेरहमी से पिटाई का मामला अब मानवाधिकार आयोग पहुँच गया है। मामले में सरपंच लालबाबू सहनी द्वारा मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा के माध्यम से राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिका दाखिल की गई है।  

जिसमें पियर थाना की पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए गये हैं और कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में पीड़ित ने बताया कि विगत छह फ़रवरी को पियर थाना के पुलिसकर्मी उनके गांव के चौक पर अवैध तरह से पैसा की वसूली कर रहे थे।  
मारा-पीटा और उनका हाथ-पैर भी तोड़ दिया

जानकारी मिलने पर जब वे वहां पहुंचे और मामले की जानकारी लेने की कोशिश की तो वहां उपस्थित पुलिसकर्मी उनके साथ मारपीट करने लगे और उन्हें नजरबंद कर दिया गया। उसके बाद पियर थाना के कई पुलिसकर्मियों व पुलिस पदाधिकारियों द्वारा उन्हें काफ़ी बेरहमी से मारा-पीटा गया।  

पियर थाना के पुलिस पदाधिकारी रजनीकांत ने उन्हें बेरहमी से मारा-पीटा और उनका हाथ-पैर भी तोड़ दिया। साथ-ही उन्हें बचाने आई उनकी भाभी का भी हाथ तोड़ दिया गया।  
पुलिस ने तीन-चार राउंड फायरिंग भी की

पीड़ित द्वारा पुलिसकर्मीगण अखलेश कुमार, कमलेश्वर नाथ मिश्रा, धर्मेंद्र त्यागी, कुंदन कुमार, प्रिन्स कुमार सहित एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मीगण पर उनके साथ काफी सख्ती से मारपीट कर उन्हें बेहोश कर देने तथा महिलाओं और बच्चों के साथ भी काफी बर्बरता पूर्वक मारपीट की बात कही जा रही है।  

विदित हो कि घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में भर्ती कराया गया, जहां पर उनका इलाज डॉक्टरों की देखरेख में हुआ। पीड़ित की माने तो पुलिस ने आमजनों को मारने के उद्देश्य से तीन-चार राउंड फायरिंग भी की थी। घटना के बाद पियर थाना की पुलिस ने पीड़ित सरपंच सहित कई निर्दोष ग्रामीणों पर प्राथमिकी भी दर्ज की है।  
पुलिस कर रही अवैध वसूली

पीड़ित ने बताया कि पियर थाना की पुलिस के द्वारा पूरे इलाके में नियमित रूप से अवैध वसूली की जाती है और निर्दोष लोगों के साथ बदतमीजी की जाती है तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम की उगाही भी की जाती हैं।  

पियर थाना की पुलिस और थानाध्यक्ष रजनीकांत के भय से पूरे इलाके में काफी दहशत का माहौल व्याप्त है। आयोग में मामले की पैरवी कर रहे मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने कहा कि यह घटना मानवाधिकार का घोर उल्लंघन व जघन्य अपराध है, जो जिले की प्रशासनिक व्यवस्था तथा पुलिस तंत्र पर सवालिया निशान खड़े करता है।  

पुलिस, जिन्हें लोगों के मानवाधिकार की रक्षा करनी चाहिए, उनके द्वारा ऐसे अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया जाना काफी हैरान करता है। मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच करना न्यायहित में अतिआवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो सके।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

No related threads available.

deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
469770