प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। पात्रों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ दिलाने की बजाय जिम्मेदारों ने खेल कर डाला। कहीं जिंदा को मरा दिखाया तो कहीं पुत्र को सरकारी सेवा में कार्यरत बताया। सीडीओ से हुई शिकायत पर फिर से सत्यापन कराया, तो जिम्मेदारों की लापरवाही उजागर हो गई।
इस पर डीडीओ ने दो ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिराई है। उन्हें दूसरे ब्लॉक में संबद्ध कर बीडीओ को मामले की जांच सौंपी है।
ग्राम उमरारा के धनश्याम काे वीडीओ मनोज कुमार ने बताया मृतक
दानपुर ब्लॉक के ग्राम उमरारा के धनश्याम सिंह वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त कर रहे थे। ग्राम विकास अधिकारी ने इन्हें मृतक बताते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस पर इनकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई। शिकायत पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पुन: सत्यापन कराया तो इनके जीवित होने की पुष्टि हुई।
जिंदा को मृतक बताने वाले पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी/पदेन सचिव मनोज कुमार को डीडीओ ने निलंबित कर दिया। गुलावठी ब्लॉक में संबंद्ध कर खंड विकास अधिकारी गुलावठी को मामले की जांच सौंपी है।
नरगिस के पुत्र नहीं थे सरकारी सेवारत, वीडीओ अनिरूद्ध ने किया गलत सत्यापन
स्याना ब्लॉक की ग्राम पंचायत जलालपुर निवासी नरगिस भी वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त कर रहीं थीं। 2024-25 के सत्यापन में इनके पुत्र को डीटीसी में संविदा पर कार्यरत बताकर वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई। इस मामले की भी शिकायत हुई और फिर से सत्यापन कराया गया तो नरगिस के पुत्र को सरकारी सेवा में सेवारत नहीं पाया गया।
यह देख पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी/पदेन सचिव अनिरुद्ध कुमार पर लापरवाही की गाज गिराई गई। डीडीओ ने इन्हें भी निलंबित कर दानपुर ब्लॉक में संबद्ध किया है। साथ ही खंड विकास अधिकारी दानपुर को मामले की जांच सौंपी है।
सीडीओ के निर्देश पर हुई कार्रवाई: डीडीओ
डीडीओ सुभाष नेमा ने बताया कि लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलने पर मामले की सीडीओ से शिकायत की गई। इस पर जांच कराई और गलत सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने की पुष्टि हुई। सीडीओ के निर्देश पर लापरवाही बरतने वाले इन दोनों ग्राम विकास अधिकारी/पदेन सचिव को निलंबित किया गया है। बीडीओ को मामले की जांच सौंपी है। |
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