एनजीटी ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बाड़ा हिंदू राव के मनोहर लाल खुराना मार्ग स्थित सेंट्रल स्क्वायर काम्प्लेक्स में 12 साल पहले किए गए 80 फीट गहरे गड्ढे के मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
पर्यावरणीय उल्लंघनों का संज्ञान लेते हुए एनजीटी चेयरमैन प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को स्थल निरीक्षण कर पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। मामले पर अगली सुनवाई 20 मई को होगी। हाल ही में जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा किए गए गहरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो गई थी।
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एनजीटी ने रिकार्ड पर लिया कि आवेदनकर्ता दीपक अग्रवाल सहित अन्य ने कहा है कि आरोप लगाया है कि परिसर के भीतर छह से सात एकड़ में फैला लगभग 60–80 फीट गहरा एक विशाल खुदाई गड्ढा पिछले 12–18 वर्षों से बिना बैरिकेडिंग के खुला पड़ा है।
दूषित जलभराव का रूप ले चुका है गड्ढा
आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह गड्ढा दूषित जलभराव का रूप ले चुका है और इसके कारण भूजल दूषित होने से लेकर पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। यह भी कहा गया कि निरंतर सीवेज प्रवाह बाधित होने के साथ ही अवैध वृक्ष कटान व अवैध बोरवेल का संचालन भी क्षेत्र में किया जा रहा है।
आवेदनकर्ताओं ने एजेंसियों द्वारा पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन सहित अन्य आरोप भी लगाए।
इसके साथ ही आवेदनकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस संबंध में शिकायत अलग-अलग अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह भी कहा गया कि गैर-कानूनी तरीके से खोदा गया गड्ढा आस-पास के रहने वालों के लिए खतरा बन गया है।
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