बालेश्वर के विभिन्न शिव मंदिर में उमरा भक्तों का सैलाब। फोटो जागरण
लावा पांडे बालेश्वर। बालेश्वर जिला के अंतर्गत भोगराई नामक स्थान पर मौजूद है। एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग जिसे बाबा भूसेंदेश्वर के नाम से जाना जाता है। यह शिवलिंग 12 फीट ऊंचा तथा 14 फीट चौड़ा है।
इसे काले रंग के ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है इस शिवलिंग का आधा हिस्सा ऊपर की ओर दिखाई देता है, तो बाकी का आधा नीचे दबा हुआ है।
यहां पर एक बालकोनी का निर्माण किया गया है, जिस पर चढ़कर भक्त बाबा भूसेंदेश्वर को जल चढ़ाते हैं तथा पूजा अर्चना करते हैं। भोगराई नामक स्थान पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के सीमा से सटा होने के कारण बाबा भूसेंदेश्वर के शिवलिंग का दर्शन ओडिशा के विभिन्न जिलों समेत पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार से भी भक्त यहां पर महाशिवरात्रि के मौके पर जल चढ़ाने और बाबा का दर्शन करने पहुंच चुके हैं।
पांच लिंगो वाला मंदिर
इसी तरह बालेश्वर के निलगिरी नामक पहाड़ पर और निलगिरी नामक स्थान पर मौजूद है बाबा पांचलिंगेश्वर का भव्य मंदिर। नीलगिरी पहाड़ के एक गुफा में एक साथ पांच लिंग मौजूद है।
इन पांचो लिंगों के ऊपर 12 महीने पानी बहता रहता है। भक्त यहां पर गुफा में हाथ डालकर बाबा के पांचो लिंगो का दर्शन करते हैं। आज सुबह से यहां पर भी भारी तादाद में भक्त पहुंचकर बाबा का दर्शन कर रहे हैं तथा बेलपत्र, दूध, पुष्प इत्यादि चढ़ा रहे हैं।
इस मंदिर में देश-विदेश से आते हैं श्रद्धालु
इसी तरह चंद्नेश्वर के प्रसिद्ध शिवलिंग का भी लोग दर्शन करने के लिए उमड़ पड़े हैं। यह वही शिवलिंग है, जहां प्रतिवर्ष विश्व प्रसिद्ध चड़क मेला का आयोजन किया जाता है। यह वही बाबा चंद्नेश्वर मंदिर है, जहां पर प्रतिवर्ष लाखों की तादाद में भक्त जमा होकर पूजा-अर्चना करते हैं।
यहां पर भी पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल, बिहार ,झारखंड और ओडिशा एवं विदेशों से भी लोग आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं। इसी तरह बालेश्वर शहर में मौजूद है सबसे पुराना शिव मंदिर जिसे बाबा झाड़ेश्वर के नाम से जाना जाता है। यहां पर आज सुबह से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखी गई है।
एक और महिला भक्त की कतारें दूसरी ओर पुरुष भक्तों की कतारें देखा गया है। बालेश्वर शहर में 100 से ज्यादा शिव मंदिर मौजूद है जिसमें बाबा रामेश्वर, गड़गड़ेश्वर, बृजेश्वर, जागेश्वर इत्यादि के नाम से जाना जाता है।
सुबह उमड़ी भक्तों की भीड़
आज सुबह से ही प्रायः प्रत्येक छोटे-बड़े शिव मंदिरों में शिव भक्तों का लंबी लंबी कतार देखा गया है । कई स्थानों पर भजन कीर्तन तो कई स्थानों पर लोग आम जनता के बीच प्रसाद बंटन करते देखे जा रहे हैं।
महाशिवरात्रि के मौके पर बालेश्वर जिला के विभिन्न मंदिरों में आज सुबह 4:00 बजे से जैसे ही मंदिर का कपाट खुला भक्त यहां पर दीप और धूप जलाकर पूजा अर्चना करते देखे गए। रात के समय यहां पर महिला भक्त प्रत्येक शिव मंदिर के सामने पूरी रात दीप जलाकर बैठती हैं तथा जागरण का पालन करती हैं।
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