स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करते डीएम आनंद शर्मा: सौ. डीपीआरओ
जागरण संवाददाता, मधुबनी। जिले के तीन प्रखंडों के नौ प्रभारी डॉक्टर, हेल्थ मैनेजर एवं बीसीएम से जवाब तलब किया गया है। समीक्षा के दौरान सभी सूचकांक में प्राप्त उपलब्धि के अनुसार फुलपरास, पंडौल व राजनगर स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति नीचे से अंतिम स्थान पर रही है। डीएम आनंद शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
डीएम ने सभी सूचकांक में प्राप्त उपलब्धि के अनुसार नीचे से तीन प्रखंड फुलपरास, पंडौल एवं राजनगर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक से कारण पृच्छा करने का निदेश दिया।
बैठक में डीएम ने सभी उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि संस्थागत प्रसव संख्या में बढ़ोत्तरी कराएं। चतुर्थ एएनसी एवं संस्थागत प्रसव की समीक्षा कर दोषी आशा, स्वास्थ्य कर्मी एवं बिचौलिया पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
कार्य नहीं करने वाली आशा को नियम के तहत चयन मुक्त करें। एएनसी प्राप्त लाभार्थी प्रसव के लिए कहां गये तथा किन कारणों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में संस्थागत प्रसव नहीं कराया गया, उनकी समीक्षा कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें, ताकि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिले।
जटिल गर्भावस्था वाली महिला के लिए प्रत्येक प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक प्रत्येक दिन प्रसव के लिए जटिल गर्भावस्था वाली महिला से संबंधित महिलाओं का सूची तैयार कर दूरभाष के माध्यम से फालो-अप करेगें, ताकि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रबंधन के साथ-साथ प्लान्ड सी-सेक्शन को बढावा दिया जा सके।
डीएम ने निदेश दिया कि भव्या पोर्टल पर सभी प्रकार के गतिविधियों की प्रविष्टि कराएं। नियम संगत वाइटल की प्रविष्टि हो रही है यह उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुश्रवण कर सुनिश्चित करें।
अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिमाह 10 सिजेरियन कराएं
सी.सेक्शन की समीक्षा के दौरान डीएम आनंद शर्मा ने निदेश दिया गया कि अनुमंडलीय अस्पताल में भी तत्काल कम से कम 10 सी0-सेक्शन प्रतिमाह करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने ई-टेलीकम्युनिकेशन अधिक से अधिक कराने तथा 50 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया।
डीएम ने एनआरसी, अनुमंडलीय अस्पताल, जयनगर में कुपोषित बच्चों को भेजने के लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निदेश दिया। एनसीडी उपचार का कार्य अधिक से अधिक कराते हुए स्क्रीनिंग लक्ष्य अनुरूप उपचार कराये जाने का निदेश दिया गया।
निजी अस्पतालों में मरीजों को नहीं भेजे
सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निजी एम्बुलेंस, पैथोलॉजी, आशा व अन्य कर्मी के मिली-भगत से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीज नहीं भेजे, यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
डीएम ने जिले में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउण्ड, नर्सिंग होम, क्लिनिक आदि का सतत जांच कर नियम संगत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने सर्वजन दवा सेवन) में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने तथा कोई लक्षित व्यक्ति दवा से वंचित नही रहे, इसे संबंधित पदाधिकारी को सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया। |