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ग्रेटर नोएडा में मुसीबत बन रह सड़कों के गढ्ढे। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में गड्ढे में गिरने से तीन वर्षीय बच्चे की मौत ने एक बार फिर प्राधिकरण और प्रशासन की लापरवाही का रवैया फिर सामने ला दिया है।
चौकाने की बात तो ह है कि शिकायत पर मौके का निरीक्षण करने के बाद भी प्रशासन व प्राधिकरण ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
नहीं जागा प्रशासन
नोएडा के सेक्टर 150 में बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर कर इंजीनियर युवराज की मौत, पिछले सप्ताह ग्रेटर नोएडा में एक नाले में कार गिरने और दिल्ली के जनकपुरी में सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत हो गई थी।
इन घटनाओं के बाद भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व प्रशासन के अधिकारियों की संवेदना तक नहीं जागी। नोएडा में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त रुख अपनाते हुए मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की थी। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ तक को पद से हटा दिया था।
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सीएम ने दिए थे निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्राधिकरणों को जिले में सभी हादसा संभावित जगहों को चिह्नित कर उन्हें दुरुस्त करने को निर्देश दिए थे। प्राधिकरणों ने टीम दौड़ाकर जगह चिह्नित करने का दावा भी किया था, लेकिन ग्रेटर नोएडा की दो घटनाओं ने प्राधिकरण की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक तरफ ग्रेनो प्राधिकरण कह रहा है कि जमीन उसकी नहीं बल्कि किसान की है। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि जमीन प्राधिकरण की ही है। यही कारण है कि ग्रामीणों ने चार जनवरी को लिखित में शिकायत की थी, लेकिन प्राधिकरण की ओर से कोई भी मौके पर नहीं आया।
हादसा होने के बाद प्राधिकरण के अधिकारी भागते हुए आए और जमीन किसान की बता अपना पल्ला झाड़ने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि प्राधिकरण टीम हादसे के बाद गांव आई, यदि शिकायत करने के बाद जांच के लिए आ जाती, तो आज मासूम की जान बच सकती थी। हादसे के बाद प्राधिकरण अपनी जमीन को किसान की जमीन बता रहा है।
छह वर्ष पहले हुआ था गड्ढा
ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले इस जमीन पर गड्ढा हुआ था। तभी से शिकायत का सिलसिला जारी है। यहां करीब 15 से 20 फीट गहरा गड्ढा है। यहां से मिट्टी निकाली गई है। वर्षा का पानी अब भरा हुआ है। यदि इस जगह पर मिट्टी का भराव कर दिया जाता या फिर चारदीवारी कर दी जाती, तो आज बच्चा अपने परिवार के साथ होता।
क्या बोले लोग
- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तालाब का सुंदरीकरण करने की शिकायत की गई थी, जिसमें बताया था कि भ्रष्टाचार हो रहा है। इसकी तार फेंसिंग कर दीजिए, लेकिन प्राधिकरण एक बार भी नहीं सुनी। निरीक्षण में आए अधिकारी अपने जिम्मेदारी से मुकर रहे हैं। यह भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन की है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन से ग्रामीणों को यही उम्मीद है कि अब अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागना चाहिए और जिम्मेवारी समझकर आगे यह जिम्मेदारी शासन और प्रशासन जिम्मेदारी लेकर आगे से ऐसी घटना न हो ।
- पवन कुमार, ग्रामीण दलेलगढ़
- दलेलगढ़ गांव के संदीप जाटव की डेढ़ वर्षीय बिटिया नेताक्षी की मौत राजवाहे में गिरकर हो गई थी। लगातार वर्षों से सफाई करने व तार फेसिंग की मांग को प्राधिकरण व जिला प्रशासन अनदेखी कर रहा है। नतीजा यह रहा कि 15 फरवरी को एक और घटना हो हई। उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी व प्रशासन ग्रामीणों को गुमराह करने में लगे हैं।
- सोनू शर्मा, ग्रामीण दलेलगढ़
- दलेलगढ़ विकास समिति द्वारा लगातार जिला प्रशासन व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सहित जनप्रतिनिधियों से तालाब के सुंदरीकरण सहित पशुचर ग्राम समाज भूमि पर बने गहरे गड्ढों में गांव से निकलने वाले पानी से जलभराव और उससे दुर्घटनाओं की आशंकाएं को लेकर लिखित में तारबंदी की मांग की गई थी। आजतक सुनवाई नहीं होने के कारण बच्चे की गड्ढे में गिर कर मौत हो गई है। प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का निरीक्षण भी किया। उसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- अमित भाटी ग्रामीण दलेलगढ़
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दलेलगढ़ गांव के ग्रामीणों पशु-पक्षियों के लिए गंदगी व गंदे पानी जलभराव गहरे-गहरे गड्ढों की परेशानी जानलेवा साबित हो रही है। गांव की आबादी में आ रही सरकारी जमीन पर बने गड्ढों में जलभराव पर प्राधिकरण व जिला प्रशासन अनभिज्ञ बना हुआ है। इसके कारण मेरे तीन वर्षीय भांजे देवांश की सरकारी गड्ढे में डूबकर मौत हुई है। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण जमीन अधिग्रहण पर जोर भर रही गांव की मूलभूत समस्याओं पर गौर नहीं किया जा रहा है। -
अरुण कुमार, मृतक का मामा गांव दलेलगढ़ |
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