हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल। जागरण आर्काइव
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिमला नगर निगम के मेयर के कार्यकाल को पांच वर्ष करने और रेरा के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए कमेटी में किए गए संशोधनों को मंजूरी नहीं दी। अब दोनों विधेयकों को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को पुनर्विचार के लिए सदन में रखा जाएगा। राज्य सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर पुनर्विचार का प्रस्ताव सदन में पेश करेगी।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 (विधेयक संख्यांक-21) पर पुनर्विचार का प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। यह विधेयक मेयर के कार्यकाल को ढाई वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने से संबंधित है।
वहीं, रेरा के अध्यक्ष की नियुक्ति से संबंधित विधेयक को नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी भू-संपदा (विनियमन और विकास) हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक, 2025 (विधेयक संख्यांक-22) के तहत पुनर्विचार के लिए सदन के समक्ष रखा जाएगा।
इस विधेयक में रेरा के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर समिति में बदलाव किया गया था, जिसमें प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के स्थान पर प्रदेश के मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाया गया। विधानसभा से पारित होने के बाद राज्यपाल ने इसे मंजूरी नहीं दी, और अब इसे पुनर्विचार के लिए पेश किया जा रहा है।
बजट कब पेश होगा निर्धारित नहीं
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कब बजट पेश करेंगे, यह निर्धारित नहीं हुआ है। माना जा रहा कि बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जाएगा। इसके लिए विधानसभा की ओर से अलग से सूचित किया जाएगा।
पोर्टल पर कार्यसूची
विधानसभा के पोर्टल पर बजट सत्र के पहले चरण की कार्यसूची जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि सर्वप्रथम राज्यपाल का अभिभाषण होगा। उसके बाद शोकोद्गार के तहत पूर्व सदस्य भगत राम चौहान के निधन पर शोक प्रकट किया जाएगा। नियम-102 के तहत पहले ही दिन संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान केंद्र सरकार की ओर से बंद की गई आरडीजी बहाली का सरकारी संकल्प पेश करेंगे। इस आशय की जानकारी विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा की ओर से दी गई है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में टूटेंगी कई परंपराएं, क्या फिर उठेगा भाजपा के नौ विधायकों का मामला? |