दिल्ली कानपुर हाईवे की सांकेतिक तस्वीर।
सुरजीत पुंढीर, अलीगढ़। दिल्ली–कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ रहे हादसों को रोकने के लिए बड़ी पहल होने जा रही है। हादसों के लिए चर्चित तीन प्रमुख स्थानों पर फ्लाईओवर यानी पुल निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने परियोजना की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीनों पुलों के निर्माण पर करीब 66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक पुल की अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ रुपये आंकी गई है।
निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान की जरूरत पड़ेगी। प्रस्तावित स्थलों पर 437 बड़े पेड़ व 1912 पौधों को हटाना पड़ेगा। इसके लिए एनएचएआइ ने वन विभाग से औपचारिक अनुमति मांगी है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
पहला पुल खेरेश्वर धाम चौराहे पर प्रस्तावित है। यह स्थान लंबे समय से ब्लैक स्पाट के रूप में चिह्नित है। यहां अलीगढ़ शहर, खैर-जट्टारी मार्ग व दिल्ली–कानपुर हाईवे का ट्रैफिक आपस में टकराता है। चारों दिशाओं से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाएं आम हैं।
बीते एक वर्ष में यहां कई बड़े हादसे हो चुके हैं। दूसरा पुल बौनेर तिराहे पर बनाया जाएगा। यह जंक्शन अलीगढ़ शहर, एटा, कासगंज व कानपुर की ओर जाने वाले मार्गों को जोड़ता है। दिल्ली बाइपास से उतरने वाले वाहनों का दबाव भी यही पड़ता है।
ट्रैफिक के क्राॅस मूवमेंट के कारण आएदिन वाहन भिड़ते हैं। पुल बनने से यातायात का दबाव अलग-अलग स्तर पर बंट जाएगा। तीसरा पुल गभाना क्षेत्र के टमकोली मोड़ के निकट प्रस्तावित है। यहां तेज रफ्तार वाहनों व स्थानीय यातायात के मिश्रण से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई हादसों के बाद इस स्थान को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया।
सड़क हादसे व यातायात की समस्या के समाधान के लिए पुलों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही काम की शुरुआत हो जाएगी।
संजीव रंजन, डीएम |