जागरण संवाददाता, दुमका। जिले में पेंशन के नाम पर बड़ा रैकेट काम कर रहा है। चंद पैसों के लिए लोग युवकों को जीत जी मारकर उनकी पत्नियों को बाकायदा विधवा पेंशन दिलवा रहे हैं।
सोशल आडिट की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को रानीश्वर के बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने मोहलबना पंचायत के कदमा गांव में जाकर जांच की तो पता चला कि छह महिलाओं ने मात्र एक हजार रुपया पेंशन के लिए अपनी जीवित पति को मृत साबित कर दिया। इस खेल में पंचायत के एजेंट का नाम सामने आया है।
दरअसल हाल ही में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के निर्देश पर पंचायतों में सामाजिक सुरक्षा के तहत विभिन्न प्रकार के पेंशन लाभुकों का सोशल ऑडिट किया गया था। सोशल ऑडिट के दौरान मोहलबना पंचायत में ऐसे 14 लाभुकों के बारे में पता चला जो करीब नौ साल से गलत तरीके से विधवा पेंशन स्वीकृत कराकर योजना का लाभ ले रहे थे।
दोपहर को बीडीओ ने गांव जाकर लाभुक बुलूवाला दासी पति प्रियनाथ मंडल, मालती मुर्मू पतिरोविन सोरेन, चुड़की मुर्मू पति युगू मुर्मू, रेखा गोराई पति सीताराम गोराई, सुकुरमुनी सोरेन पति गोपाल हांसदा और सुमिदा दत्ता पति गोकुल दत्ता का भौतिक सत्यापन किया। उस समय सभी महिला अपने पति के साथ दिखी।
प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने जब सभी लाभुकों से पूछा कि जब आपके पति जीवित है तो फिर विधवा पेंशन का लाभ कैसे और क्यों लिया जा रहा है। इसपर किसी भी लाभुक व उनके पति ने किसी तरह का जवाब नहीं दिया। केवल इतना ही बताया कि सालों पहले गांव के ही एक व्यक्ति ने पेंशन की स्वीकृति दिलाई थी।
कहा था कि योजना के तहत हर माह एक हजार रुपया मिलेगा और उसमें से आधा यानी 500 रुपया उसे देना होगा। तब से लगातार पैसों का उठाव कर आधा पैसा स्वीकृति दिलाने को दे रही हैं। बीडीओ ने बताया कि सभी महिला लाभुक को प्रखण्ड स्तर से राशि की वसूली के लिए नोटिस भेजा जा रहा है।
इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। भौतिक सत्यापन के समय प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, कनीय अभियंता, पंचायत की मुखिया, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक व पंचायत स्वयंसेवक आदि मौजूद थे।
जांच में सामने आ सकता है बड़ा घोटाला
अभी तो रानीश्वर के एक ही पंचायत में गलत तरीके से पेंशन उठाने का मामला सामने आया है। अगर जिले के सभी दस प्रखंड की 201 पंचायतों में जांच कराई जाती है तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। यह घोटाला करोड़ों में पहुंच सकता है।
अब तक एक लाभुक उठा सकी 1.20 लाख
विधवा पेंशन के तहत हर माह एक हजार रुपया दिए जाने का प्रावधान है। यह घोटाला करीब दस साल से चल रहा है। यानी एक महिला दस साल में करीब 1.20 लाख की निकासी कर चुकी है। पकड़ में आई छह महिला लाभुक अभी तक 7.20 लाख की गलत निकासी कर चुकी है। अगर सभी पंचायतों में जांच होती है तो यह घोटाला करोड़ों तक पहुंच जाएगा। |
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