search

उत्तराखंड में शिक्षा संस्थानों से भेदभाव खत्म करने को बनेगी विशेष कमेटी, शिक्षा निदेशक ने जारी किया आदेश

Chikheang Yesterday 20:27 views 457
  

सांकेतिक तस्वीर।



राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, समतामूलक और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. मुकुल सती ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी करते हुए सभी मंडलीय अपर निदेशकों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में किसी भी प्रकार के जाति या लिंग आधारित भेदभाव को रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए।

आदेश के अनुसार अब विद्यालय, विकासखंड, जिला और मंडल स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया जाएगा।  

इन समितियों का कार्य शैक्षणिक संस्थानों में समानता सुनिश्चित करना, भेदभाव से संबंधित शिकायतों की निगरानी करना और उनका त्वरित निस्तारण करना होगा।

इससे विद्यालयों का वातावरण अधिक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और सकारात्मक बनाने में मदद मिलेगी।

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी शिक्षक संगठनों के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखंड को भी ब्लाक से लेकर प्रांतीय स्तर तक आयोजित बैठकों में शामिल किया जाएगा।

इसका उद्देश्य नीति-निर्माण और शैक्षिक संवाद में सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
संविधान की प्रस्तावना का पाठ पढ़ाने के निर्देश

विद्यालयों में समय-समय पर संविधान की प्रस्तावना और मूल अधिकारों का पाठ पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों में समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्यों का विकास हो सके।

शैक्षिक, सांस्कृतिक और नवाचारी कार्यक्रमों में भी सभी छात्रों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
शिक्षक एसोसिएशन ने उठाई थी यह मांग

अनुसूचित जाति एवं जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राठी ने मुख्यमंत्री, महानिदेशक शिक्षा और निदेशक माध्यमिक से वार्ता की थी। इसके बाद जारी इस आदेश को एसोसिएशन ने स्वागत योग्य और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताया है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
164638