सांकेतिक तस्वीर
संवाद सूत्र, फुलवारीशरीफ (पटना)। एम्स के पास स्थित एक अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से गिरकर 11वीं की छात्रा की रहस्यमय मौत के मामले में पुलिस अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
घटना के कई दिन बाद भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि छात्रा ने आत्महत्या की, दुर्घटनावश गिरी, या उसे धक्का देकर नीचे गिराया गया। हत्या की आशंका भी जांच के दायरे में है। स्वजन और स्थानीय लोगों में बढ़ते आक्रोश तथा लगातार उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने जांच की दिशा को और तेज करते हुए बड़ा कदम उठाया है।
घटना के दिन छात्रा के पीछे-पीछे सातवीं मंजिल पर गए चार युवकों का नार्को एनालिसिस और पॉलिग्राफी (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए पुलिस ने न्यायालय में अनुमति हेतु आवेदन भी दायर कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चारों युवकों से कई दौर की पूछताछ की जा चुकी है। उनके बयान में विरोधाभास पाए जाने के बाद वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता महसूस की गई। जांच टीम का मानना है कि नार्को व पॉलिग्राफी टेस्ट से घटना के समय की वास्तविक स्थिति और संभावित सच्चाई सामने आ सकती है।
इधर, घटनास्थल का क्राइम सीन दोबारा रिक्रिएट किया गया है। फॉरेंसिक टीम ने पहले ही साक्ष्य संकलित किए थे, लेकिन पुलिस ने एक बार फिर मौके पर जाकर घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया। सीसीटीवी फुटेज, काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) और मोबाइल लोकेशन का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
स्वजन का आरोप है कि यह महज हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है। स्वजन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। छात्रा की मौत के बाद इलाके में कई बार विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और अदालत के फैसले पर टिकी हैं, ताकि छात्रा की मौत के रहस्य से पर्दा उठ सके। |