नोएडा सेक्टर-33 में चल रही पुष्प प्रदर्शनी का दृश्य। फोटो सौजन्य- सौरभ राय
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-33 स्थित शिवालिक पार्क में 38 वां वसंत उत्सव के रूप में रंग-बिरंगे फूलों की महफिल सज चुकी है। 22 फरवरी तक यह आयोजन चलेगा। प्रतिवर्ष करीब पांच लाख लोग इस प्रदर्शनी को देखने के लिए निश्शुल्क आते है।
इस बार भी इससे अधिक आने का अनुमान है, क्योंकि तीन की जगह प्राधिकरण ने इसको चार दिन तक संचालित करने का निर्णय लिया है, लेकिन प्रदर्शनी में इस बार वाहन पार्किंग शुल्क को लगाकर नया बखेड़ा प्राधिकरण अधिकारियों ने खड़ा कर दिया है।
नोएडा सेक्टर-33 में चल रही पुष्प प्रदर्शनी में फूलों के साथ फोटो खिंचवाती महिलाएं। सौरभ राय
इसके बाद शहरवासियों पुष्प प्रदर्शनी का विरोध शुरू कर दिया है, क्योंकि 37 वर्ष से यहां पर आने वाले लोगों के वाहन निश्शुल्क खड़े कराए जाते रहे है।
दो वर्ष पहले जब इस आयोजन को जब सेक्टर-21 ए स्थित नोएडा स्टेडियम से हटाया गया था कि तब तैनात अधिकारियों ने तर्क दिया था कि पुष्प प्रदर्शनी में अत्याधिक वाहन आते है, जिससे स्टेडियम के आसपास यातायात जाम हो जाता है, लेकिन शिवालिक पार्क के आसपास पार्किंग का स्थान अधिक है, शिल्प हाट के नीचे भी वाहन पाकिंग पर्याप्त है।
इससे यातायात जाम की समस्या नहीं होगी, लोगों को यहां पर आने जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। हालांकि इस प्रकरण पर जब महाप्रबंधक एसपी सिंह से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि व्यवस्थित तरीके से वहानों की पार्किंग हो, इसलिए तीन दिन पार्किंग शुल्क लेने की अनुमति ठेकेदार को दी गई है।
बता दें कि नोएडा प्राधिकरण पर इस पुष्प प्रदर्शनी के आयोजन पर आर्थिक बाधा न उत्पन्न हो। इसलिए नोएडा प्राधिकरण पूरा कार्यक्रम सीएसआर फंड के जरिये आयोजित कराता है। इसमें सरकारी, निजी संस्थानों के साथ-साथ बड़े बड़े कारपोरेट घराने भी शामिल होते है।
सिर्फ प्राधिकरण का मकसद होता है कि प्रकृति, फूल व पौधों के प्रेमियों को यहां पर आकर्षित करें लेकिन 38 वें आयोजन में पहली बार बड़ा बदलाव देखने को मिला, जिसमें प्राधिकरण ने एक निजी एजेंसी को वाहन पार्किंग शुल्क वसूलने का टेंडर देकर पूरी व्यवस्था पर किरकिरी करा दी।
यहीं नहीं इस व्यवस्था के लिए प्राधिकरण की ओर से बाकायदा पुष्प प्रदर्शनी के बाहर वाहन पार्किंग शुल्क के लिए बैनर तक टंगवा रखा है।
इसमें दो घंटे के लिए कार वालों से 20 रुपये, बाइक वालों से 10 रुपये और ट्रकों से 40 रुपये शुल्क लेने की बात लिखी है, लेकिन मौके पर खड़े पार्किंग ठेकेदार लोगों को जनता से लूट की अनुमति मिल गई है, सौ-सौ रुपये वसूलने काम शुरू कर दिया गया है। इसका शहरवासियों ने की ओर से सोशल मीडिय के विभिन्न प्लेटफार्म पर विरोध जताया जा रहा है।
प्राधिकरण को पार्किंग टेंडर निरस्त करना चाहिए। यह व्यवस्था ठीक नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं। यह कमाई का जरिया है जो नहीं होना चाहिए। इससे भीड़ प्रभावित होगी।
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-केके जैन, महासचिव फोनरवा
पार्किंग शुल्क अधिक है। यह हटना चाहिए। कोई परिवार के साथ जाता है तो उसको दो घंटे से अधिक समय यहां बीत जाता है। कई जगहों पर मनमानी पर्ची कटने की भी शिकायतें हैं।
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-नंद नेगी, निवासी |