राजगीर पर्यटन स्थल का होगा कायाकल्प। (AI Generated Image)
संवाद सहयोगी, राजगीर। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर नए अनुभव का केंद्र बनाने की दिशा में वन एवं पर्यावरण विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों का विस्तृत खाका तैयार किया। बैठक में डीएफओ राजकुमार एम और जू सफारी के निदेशक राम सुंदर एम समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
जू-सफारी में दोगुनी टिकट क्षमता, 10 सेल्फ-टिकट कियोस्क
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजगीर जू सफारी में प्रतिदिन जारी होने वाले टिकटों की संख्या 1,000 से बढ़ाकर 2,000 करने का निर्देश दिया गया है।
टिकट प्रक्रिया आसान बनाने के लिए परिसर में कम-से-कम 10 सेल्फ-टिकट कियोस्क लगाए जाएंगे। ऑनलाइन बुकिंग में एक बार में अधिकतम छह टिकट की सीमा समाप्त कर बल्क बुकिंग की सुविधा भी जल्द शुरू होगी।
इसके लिए अतिरिक्त वाहन की खरीदारी की जाएगी। आने वाले सीजन में संभवतः सितंबर से वाहनों की संख्या बढ़ा दी जाएगी ताकि पर्यटकों को परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि एक साल में तीन लाख से अधिक पर्यटक जू सफारी व नेचर सफारी घूमने आए। 20 करोड़ का राजस्व सरकार को प्राप्त हुआ।
वीआर तकनीक और बेहतर नेटवर्क
युवा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सफारी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने हेतु नए मोबाइल टावर स्थापित होंगे, ताकि संचार व्यवस्था निर्बाध रहे।
पूरे पर्यटन क्षेत्र को दिव्यांग-अनुकूल बनाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। परिसर में कैफेटेरिया, प्रतीक्षा स्थल, बच्चों के खेलने की जगह और आरओ वाटर कूलर जैसी सुविधाएं विकसित होंगी।
वेणु वन में नाइट टूरिज्म, रोज शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम
नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वेणु वन अब शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहेगा। प्रतिदिन स्थानीय कला-संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को शाम का नया आकर्षण मिलेगा।
साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी मंच मुहैया कराया जाएगा। वही कुछ जगहों पर स्टॉल्स लगाए जाएंगे ताकि स्थानीय स्तर पर बावन बूटी और तसर सिल्क को पर्यटकों का नया बाजार मिल सके।
गैंडों का सैटेलाइट सेंटर, नए वन्यजीवों की तैयारी
वन्यजीव विविधता बढ़ाने के लिए सफारी में गैंडों (राइनो) का सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जाएगा। शेर क्षेत्र का जीर्णोद्धार होगा और गौर व चिंकारा जैसे नए वन्यजीव लाने का प्रस्ताव है। सफारी अस्पताल को आधुनिक उपकरणों से लैस कर उन्नत बनाया जाएगा।
‘वन मित्र’ की तैनाती और गाइडेड टूर
पर्यटकों की सहायता व सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में ‘वन मित्र’ तैनात होंगे, जो निर्धारित वर्दी में मोबाइल गाड़ियों से गश्त कर मदद करेंगे। वैभव गिरी पर्वत और इंद्रशाला गुफा जैसे स्थलों पर सुरक्षित यात्रा के लिए गाइडेड टूर शुरू होंगे; स्थानीय गाइड्स का पंजीकरण और वर्दीकरण किया जाएगा।
रोजगार को बढ़ावा
सुरक्षा सुदृढ़ करने हेतु अतिरिक्त ईको-बसें और पेट्रोलिंग वाहन लगाए जाएंगे। इन पहलों का उद्देश्य राजगीर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करना है, ताकि पर्यटकों की संख्या के साथ स्थानीय लोगों के रोजगार और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो।
राजगीर के लिए यह पहल सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि पर्यटन प्रबंधन का एक व्यापक मॉडल साबित हो सकती है—जहां तकनीक, सुविधा, सुरक्षा और स्थानीय संस्कृति एक साथ आगे बढ़ेंगी।
ठहराव पर फोकस
आनंद किशोर ने कहा कि पर्यटन आते जरूर हैं लेकिन ठहर नहीं पाते। इसके लिए वन विभाग 50-50 कमरों की क्षमता वाले गेस्ट हाउस तैयार करेगी। ताकि लोग ऑनलाइन इसकी बुकिंग कर सके।
वैसे लोग जिन्हें राजगीर नहीं आना है उनके लिए अलग से बायपास बनाने का प्रपोजल तैयार करने को कहा गया है। साथ ही गया से राजगीर आने वाली सड़कों के दोनों ओर पौधा लगाने का निर्देश दिया गया है जिसे हेरिटेज पाथ के नाम से जाना जाएगा। पहाड़ों पर ट्रैकिंग जैसे रोमांच का पर्यटक लुत्फ उठा सके,उस पर भी विचार किया जा रहा है।
घोड़ा कटोरा में वाटर स्पोर्ट्स टूरिज्म पर विचार
आनंद किशोर ने बताया कि घोड़ा कटोरा में कैफेटेरिया,पार्क,वाटर स्पोर्ट्स टूरिज्म जैसे नए कंसेप्ट पर विचार किया जा रहा है ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़े।
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