हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे समूहों को मुहैया करा रहा जगह (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान का सैन्य प्रतिष्ठान हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे कट्टरपंथी इस्लामी समूहों को ऑपरेशन के लिए जगह मुहैया करा रहा है। इसके कारण लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे स्थानीय संगठनों को समर्थन मिल रहा है।
साथ ही वह गाजा और कश्मीर के मुद्दे पर इस्लामी देशों से समर्थन मांग रहा है। यह दावा अफगान डायस्पोरा नेटवर्क की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि भारत, पश्चिमी देशों और इजरायल के खिलाफ स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों को संगठित करने के लिए पाकिस्तान हमास को शरण दे रहा है।
पाकिस्तान का समर्थन
रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों में परोक्ष संघर्षों और सशस्त्र टकरावों की नई लहर को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के पश्चिम एशिया की ओर झुकाव को तत्काल चुनौती के रूप में लेना चाहिए। यह इसलिए मायने रखता है, क्योंकि जब पाकिस्तान पश्चिम एशिया में उपस्थिति बढ़ाएगा, तो आतंकवादी संगठनों के लिए उसका खुला समर्थन एक क्षेत्रीय समस्या बन जाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद को भारत विरोधी गतिविधियों में समर्थन दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद इन पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद ये अपने सहयोगी संगठनों के माध्यम से सक्रिय हैं। राजनीतिक और धार्मिक मंचों ने भी हमास प्रतिनिधियों को लगातार समर्थन दिया है।
हमास प्रतिनिधि की आतंकियों से मुलाकात
जनवरी 2024 में पाकिस्तान की सीनेट ने हमास प्रतिनिधि खालिद कद्दौमी की मेजबानी की और सीनेटरों ने सार्वजनिक रूप से स्वागत किया। फरवरी 2025 में कद्दौमी ने गुलाम जम्मू और कश्मीर में एक कार्यक्रम में भाग लिया और आतंकवादियों से मुलाकात की।
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