मप्र विधानसभा भवन (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठवां दिन सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के साथ शुरू हुआ। सदन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने ‘मध्य प्रदेश विनियोग विधेयक 2026’ पेश करने की तैयारी की, वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट पर विभागवार करीब साढ़े छह घंटे चर्चा और मतदान प्रस्तावित है।
MBBS छात्रा की मौत: SIT से जांच
आलीराजपुर की एक एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध मौत का मुद्दा ध्यानाकर्षण के जरिए सदन में गूंजा। विपक्ष ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। जवाब में मंत्री शिवाजी पटेल ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है, जिसमें महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
‘लाड़ली बहना’ पर सियासत, दोहे से जवाब
‘लाड़ली बहना योजना’ के नए पंजीयन को लेकर कांग्रेस विधायक महेश परमार और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा। स्पष्ट जवाब न देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोहे के जरिए प्रतिक्रिया दी—“धीरे-धीरे रे मना…”। इसे टालमटोल मानते हुए कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
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महिला और किसान कल्याण पर फोकस
सरकार ने ‘जेंडर बजट’ के तहत 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 23,883 करोड़ रुपये आवंटित हैं। वहीं किसान कल्याण मद में 1,15,013 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषकों के लिए बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री ने सरसों उत्पादकों को भावांतर योजना का लाभ देने की घोषणा की, क्योंकि बाजार भाव (₹5500-6000) समर्थन मूल्य (₹6200) से कम चल रहा है। उड़द पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। चना, मसूर और तुअर के उपार्जन के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है। सोयाबीन के 6.86 लाख किसानों को ₹1492 करोड़ का भुगतान हो चुका है। इस बार सरसों का रकबा 28% बढ़ा है और 15.71 लाख टन उत्पादन का अनुमान जताया गया है।
सदन में आज चार ध्यानाकर्षण, 73 याचिकाएं और कई विभागीय प्रतिवेदन भी पटल पर रखे जाएंगे, जिससे बजट सत्र का यह दिन राजनीतिक और नीतिगत दृष्टि से अहम माना जा रहा है। |